Agra Cyber Crime: आगरा शहर में साइबर अपराध की एक बहुत ही गंभीर और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जालसाजों ने बिना किसी ओटीपी या गोपनीय पिन नंबर के दो नागरिकों के बैंक खातों से लगभग छह लाख रुपये साफ कर दिए. पीड़ितों में एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनके खाते से भारी राशि निकाली गई. इस नई तकनीक से हुई ठगी ने आम जनता के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. अधिकारी अब इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं.
एईपीएस और मालवेयर हैकिंग का गहरा संदेह
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अपराधियों ने बैंक खातों को खाली करने के लिए बायोमेट्रिक क्लोनिंग यानी आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) या फिर किसी घातक मालवेयर सॉफ्टवेयर का सहारा लिया है. दूसरे पीड़ित के तीन अलग-अलग खातों से एक ही समय पर पैसे गायब होना इसी ओर इशारा करता है. पीड़ित सुमित सक्सेना ने बताया कि उन्होंने अपना व्यक्तिगत डेटा किसी के साथ साझा नहीं किया था. इसके बावजूद खाते से अचानक रकम कटने का संदेश मिलने पर वे दंग रह गए और तुरंत पुलिस में शिकायत की.
साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दिशा-निर्देश
मामला दर्ज होने के तुरंत बाद साइबर सेल की टीम हरकत में आ गई और जांच की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई. शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी मिली है कि कुछ पैसे दूसरे शहरों के विभिन्न एटीएम से निकाले गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के खाते से इस प्रकार अनाधिकृत लेन-देन होता है, तो उन्हें तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि उचित कार्रवाई हो सके.
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