महाकुंभ आईं थीं पुण्य कमाने लेकिन पहुंचीं वृद्धाश्रम पुत्र सक्षम द्विवेदी ने बताई हकीकत ठहराया पिता को जिम्मेदार

महाकुंभ क्षेत्र से 12 फरवरी को रेखा द्विवेदी भटकती हुई मिलती हैं.जिसके बाद यह पता चलता है कि उनके बच्चों द्वारा उनको वहां भटकाया गया है इसके बाद से आजतक उनकी बूढ़ी 80 वर्षीय मां आज भी आश भरी नजरों से बच्चों का इंतजार करती हैं. प्रभात खबर के रिपोर्टर से बात करने के दौरान […]

महाकुंभ क्षेत्र से 12 फरवरी को रेखा द्विवेदी भटकती हुई मिलती हैं.जिसके बाद यह पता चलता है कि उनके बच्चों द्वारा उनको वहां भटकाया गया है इसके बाद से आजतक उनकी बूढ़ी 80 वर्षीय मां आज भी आश भरी नजरों से बच्चों का इंतजार करती हैं. प्रभात खबर के रिपोर्टर से बात करने के दौरान उन्होंने बताया कि उनके पति ने दो शादियां कर रखी है एवं काफी गैर जिम्मेदार व्यक्ति हैं और उनके छह पुत्र एवं दो पुत्री हैं और पिता जी के गैर जिम्मेदारी की वजह से घर पर कोई नहीं रहना चाहता, मेरे पति अपने दूसरी पत्नी के साथ उरई में रहते हैं.


आठ बच्चों में कोई लेक्चरर तो कोई अधिवक्ता फिर भी मां को कोई नहीं है ले जाने को तैयार
रेखा द्विवेदी ने कई बार अपने बच्चों से भी संवाद करने की कोशिश की लेकिन कोई उन्हें वहां से ले जाने को नहीं है तैयार. इसके बाद हमारे प्रयागराज रिपोर्टर के जरिए उनके बेटे शिवम द्विवेदी से बात भी करवाई गई जिसमें उनके पुत्र शिवम द्विवेदी ने पहले तो उनसे बात करने को मना कर दिया लेकिन इसके बाद जब किसी तरह बात हुई तो उन्होंने बात करते वक्त बोला कि आपने भी तो हमे बहुत परेशान किया लेकिन इसके बाद मां ने कहा बेटा कोई बात नहीं हम तुम्हारे पास रहने नहीं आएंगे परेशान मत हो और मां ने बेटे से उसके परिवार का हाल चाल भी लिया जिसके बाद बेटे ने आगे मां से बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.


पुत्र सक्षम द्विवेदी ने बताया है कि उनके पिता चन्द्रशील द्विवेदी गैर जिम्मेदार व्यक्ति हैं और उनके चलते पूरे घर परिवार का माहौल तनावपूर्ण रहता है एवं हमारा बड़ा भाई सत्यम इनके लापरवाही एवं कुपोषड के चलते उसकी मृत्यु हो गई. उनके पिता जी के पास तीन अचल संपत्ति है जिसमें से एक प्रयागराज कटरा में दूसरी उरई में एवं तीसरी नैनीताल में है. प्रयागराज कटरा वाले घर का मालिकाना हक प्रियम द्विवेदी को हमारे पिता ने दे रखा है जो कि लेक्चरर हैं वहां उनके ससुराल वाले रहते हैं और वह सब काफी दबंग प्रवृति के इंसान हैं और प्रियम द्विवेदी के ऊपर पहले से भी मुकदमे चल रहे हैं बाकी और सब भाइयों के पास कोई भी अचल संपति नहीं हैं एवं पिता जी ने हम सारे भाइयों को घर से निकाल दिया है. और हमलोगों के साथ कोई भी अप्रिय घटना कभी भी हो सकती है जिसके जिम्मेदार हमारे पिता चन्द्रशील द्विवेदी जी होंगे.

पति चन्द्रशील द्विवेदी का बयान

चन्द्रशील द्विवेदी जो कि रेखा द्विवेदी के पति हैं उनका कहना है कि मैने कोई दूसरी शादी नहीं की है यह लोग गलत बता रहे हैं.और मैने प्रयागराज वाले घर पे नीचे शिवम द्विवेदी और ऊपर प्रियम द्विवेदी को रहने के लिए दे रखा है परंतु शिवम द्विवेदी जो कि पेशे से अधिवक्ता हैं वह बार बार ऊपर के हिस्से में जाते हैं जिससे प्रियम द्विवेदी और उनके घर वालो को दिक्कत होती है जिसके चलते लड़ाई झगड़ा भी होता है. और मेरे घर वाले मेरे ऊपर निराधार आरोप लगा रहें हैं ऐसा कुछ भी नहीं है और गलत कहने से इनके हम गलत नहीं हो जाएंगे. और बल्कि ये लोग जिसको मेरी दूसरी पत्नी बताते हैं उस महिला की शादी हो चुकी है उसका पति कौशांबी जिले का निवासी है.

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By Abhishek singh

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