UP News: उन्नाव में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के क्षतिग्रस्त होने के मामले की जांच तेज हो गई है. IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम विस्तृत सर्वे कर रही है. जांच के दौरान टीम ने सड़क के गड्ढे में पानी भरवाकर जल निकासी की स्थिति परखी. काफी समय बीतने के बावजूद पानी बाहर नहीं निकला. इससे नमी और जल निकासी से जुड़ी संभावित खामी को लेकर जांचकर्ताओं की चिंता बढ़ गई है.
4200 करोड़ के एक्सप्रेस-वे पर उठे सवाल
करीब 4200 करोड़ रुपये से तैयार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया था. इसके अगले दिन इसे यातायात के लिए खोल दिया गया. उन्नाव के कुरारी क्षेत्र में सामने आई समस्या ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि NHAI ने स्पष्ट किया है कि क्षति पुल की संरचना में नहीं, बल्कि उससे जुड़े संपर्क मार्ग पर हुई है.
220 मीटर हिस्से की होगी मरम्मत
NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के मुताबिक, पहले मरम्मत किए गए करीब 20 मीटर हिस्से के पास दोबारा नुकसान सामने आया. इसके बाद पूरे 220 मीटर लंबे संपर्क मार्ग की मरम्मत कराने का फैसला लिया गया. कुरारी टोल प्लाजा के पास यातायात का मार्ग बदला गया है. अधिकारियों को उम्मीद है कि मरम्मत का काम दो दिनों में पूरा हो जाएगा. इसके बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात पहले की तरह सामान्य कर दिया जाएगा.
तीन अभियंता हटाए गए
जांच के लिए समिति गठित की गई है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी. तीन अभियंताओं को कार्य से हटा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था. अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि सड़क में खामी किस स्तर पर हुई. जांच रिपोर्ट से जिम्मेदारों की भूमिका और जवाबदेही तय होगी.
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