Ayodhya Ram Mandir : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में कथित गड़बड़ी मामले की जांच अब आरोपियों की संपत्तियों तक पहुंच गई है. मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल लवकुश मिश्रा से जुड़े निर्माणाधीन मकान पर अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने सख्ती दिखाते हुए अंतिम नोटिस जारी किया है. यह नोटिस उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम चस्पा किया गया है, जिनके नाम पर संबंधित संपत्ति दर्ज बताई जा रही है. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो भवन के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
15 जुलाई को कार्यालय में तलब, मांगे गए सभी दस्तावेज
एडीए अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 3 जुलाई को भी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर उनका पक्ष नहीं रखा गया. इसके बाद 13 जुलाई को दूसरा और अंतिम नोटिस जारी किया गया. नोटिस में निर्देश दिया गया है कि सुप्रिया मिश्रा 15 जुलाई को सुबह 11 बजे प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर भवन निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करें.
बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप
प्राधिकरण की जांच में सामने आया है कि वनवीरपुर क्षेत्र में एक हजार वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल में मकान का निर्माण कराया जा रहा है. एडीए का दावा है कि इस भवन के लिए आवश्यक मानचित्र की स्वीकृति नहीं ली गई है. इसी आधार पर निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है. अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
पत्नी के नाम खरीदी गई थी जमीन
पुलिस जांच के मुताबिक, लवकुश मिश्रा ने पिछले वर्ष अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर यह जमीन खरीदी थी. इसी जमीन पर वर्तमान में मकान का निर्माण कराया जा रहा है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि संपत्ति की खरीद और निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और उसका दानराशि गबन मामले से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं.
अनुकल्प मिश्रा से संबंधों की भी पड़ताल
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि लवकुश मिश्रा का संबंध मिल्कीपुर निवासी अनुकल्प मिश्रा से है. अनुकल्प श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में दानराशि की गणना और रखरखाव से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभा चुका है. जांच एजेंसियां दोनों के बीच संभावित वित्तीय लेनदेन, संपर्क और अन्य पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं.
साक्ष्यों के आधार पर होगी अगली कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि दानराशि गड़बड़ी मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है. संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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