22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर के करीब 8 हजार गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों के बीच बेहद खास प्रकार के प्रसाद का वितरण किया जाएगा. वीवीआईपी, साधुओं और खास अतिथियों को दिए जाने वाले प्रसाद का वीडियो सामने आया है. जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है.
प्रसाद में क्या है खास
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में वीवीआईपी, साधुओं के बीच वितरित किए जाने वाले प्रसाद में कई खास बाते हैं. प्रसाद में कंद मूल, सरजू नीर शामिल हैं. डब्बे में श्लोक भी लिखा गया है.
कंद मूल- कंद मूल फल सुरस अति दिए राम कहुं आनि।
प्रेम सहित प्रभु खाए बारंबार बखानि॥
सरजू नीर – मज्जहिं सज्जन बृंद बहु पावन सरजू नीर।
जपहिं राम धरि ध्यान उर सुंदर स्याम सरीर॥
कुंकुम- मृगमद चंदन कुंकुम कीचा।
मची सकल बीथिन्ह बिच बीचा॥
रुद्राष्टकम – नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्
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राम मंदिर को पुष्पों, विशेष रोशनी से सजाया गया
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए केवल दो दिन शेष रहने के मद्देनजर अयोध्या स्थित राम मंदिर को इस भव्य आयोजन के लिए पुष्पों और विशेष रोशनी से सजाया गया है. सजावट के लिए फूलों के समृद्ध भंडार का उपयोग किया गया है और 22 जनवरी को होने वाले समारोह के मद्देनजर मंदिर को सजाने के लिए फूलों के विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं. ये सभी असली फूल हैं और सर्दी के मौसम के कारण ये लंबे समय तक ताजा रहते हैं इसलिए वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक ताजा रहेंगे.
दीया की थीम पर आधारित है सजावट
फूलों से सजावट और रोशनी के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई हैं और वे न्यास अधिकारियों के मार्गदर्शन में मिलकर काम कर रही हैं. सूत्र ने कहा कि बाहर के हिस्से में रोशनी की सजावट दीया की ‘थीम’ पर आधारित है ताकि इसे पारंपरिक रूप दिया जा सके और मंदिर के अलंकृत तत्वों को उजागर किया जा सके. गर्भ गृह के अंदर पारंपरिक दीये का इस्तेमाल किया जाएगा.
51 इंच की रामलला की मूर्ति गर्भगृह में स्थापित
अयोध्या स्थित राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भगवान राम की नई मूर्ति गुरुवार की दोपहर राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रखी गई. मैसूर स्थित मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई 51 इंच की रामलला की मूर्ति को ट्रक से यहां लाया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई अन्य गणमान्य अतिथि 22 जनवरी को मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिल होंगे.
राम मंदिर 380 फीट लंबा, 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा
मंदिर न्यास के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से और निकास दक्षिण दिशा से होगा तथा संपूर्ण मंदिर अधिरचना तीन मंजिला होगी. मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटक पूर्वी दिशा से 32 सीढ़ियां चढ़ेंगे. पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा.
