सीएम योगी ने दिए प्रदेश के सभी निराश्रितों को भोजन और आर्थिक सहायता देने के निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश के सभी निराश्रित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस निराश्रित व्यक्ति के पास राशन न हो, उसे खाद्यान्न के लिए एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए.उन्होने ऐसे लोगों के राशन कार्ड भी बनाने का आदेश दिया. ताकि उन्हें नियमित तौर पर खाद्यान्न मिलता रहे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश के सभी निराश्रित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस निराश्रित व्यक्ति के पास राशन न हो, उसे खाद्यान्न के लिए एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए.उन्होने ऐसे लोगों के राशन कार्ड भी बनाने का आदेश दिया. ताकि उन्हें नियमित तौर पर खाद्यान्न मिलता रहे.

Also Read: मोदी सरकार 2.0 का एक साल : मायावती ने बताया विवादों से घिरा हुआ कार्यकाल, दी यह सलाह…

यह सुनिश्चित हो कि कोई भूखा न रहे :

उन्होंने हर हाल में यह सुनिश्चित करने कहा कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे. सीएम योगी अपने सरकारी आवास पर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किसी निराश्रित व्यक्ति के गंभीर रूप से बीमार होने की दशा में, यदि उसके पास आयुष्मान भारत योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं है, तो उसे तात्कालिक मदद के तौर पर दो हजार रुपये दिए जाएं. ऐसे निराश्रितों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी की जाए. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि सीएम ने निर्देश दिए कि किसी निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को अन्तिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाए.

भोजन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो :

योगी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कामगारों या श्रमिकों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित होती रहे. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश से विभिन्न राज्यों को जाने वाले श्रमिकों के लिए भी भोजन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रदेश आने वाले कामगारों को पृथक केंद्र ले जाया जाए. वहां मेडिकल स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराते हुए घर में पृथक-वास में रहने के लिए घर भेजा जाए तथा अस्वस्थ लोगों के उपचार की व्यवस्था की जाए. घर में पृथक-वास के दौरान उन्हें एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाए.

सामुदायिक रसोई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश :

मुख्यमंत्री ने पृथक-वास केंद्रों तथा सामुदायिक रसोई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के सक्रिय रहने से संक्रमण को रोकने में मदद मिल रही है इसलिए निगरानी समितियों के सदस्यों से नियमित संवाद कायम रखते हुए इनके द्वारा किए जा रहे निरगानी कार्य पर प्रतिक्रिया प्राप्त किया जाए. लॉकडाउन को सफल बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए. उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला के सुचारु संचालन के निर्देश भी दिए.

सभी कोविड अस्पताल सुचारु रूप से संचालित हों :

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्त जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियमित तौर पर निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि सभी कोविड अस्पताल सुचारु रूप से संचालित हों. अन्य गम्भीर रोगों के उपचार के लिए गैर कोविड अस्पताल में इलाज के प्रबन्ध किए जाएं. साथ ही जांच क्षमता में सतत् वृद्धि का कार्य जारी रखने को भी कहा.

Posted by : Thakur Shaktilochan Sandilya

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >