UP Violence News: भारतीय जनता पार्टी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के एक बयान के बाद उठे विवाद का असर अब भी कम नहीं हुआ है. यूपी में पिछले दो बार से जुमे की नमाज के दिन यानी शुक्रवार को हिंसा हुई. पहली शुक्रवार को तो कानपुर में ही पत्थरबाजी हुई थी. वहीं, दूसरे शुक्रवार को प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद सहित देश के कई राज्यों में हिंसा, पथराव और आगजनी की घटनाएं देखने को मिली हैं. इसके बाद कल यानी 17 जून को तीसरी जुमे की नमाज पर यूपी पुलिस कोई कमी नहीं होने देना चाहती.
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की नमाज के दिन इस बार यूपी में कोई बवाल न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है. संवेदनशील जगहों पर पहले से ही ड्रोन आदि से निगरानी की जा रही है. वहीं, इंटेलीजेंस आदि की मदद से हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा यूपी पुलिस ने सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं.
वहीं, जिला प्रशासन ने भी किसी तरह के हंगामे का दोहराव होने से बचने के लिए स्थानीय धर्मगुरुओं और मुस्लिम चेहरों वाले बड़े नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील करवाई है. एडीजी प्रशांत कुमार ने भी मीडिया से स्पष्ट कहा कि हर हाल में शांति व्यवस्था बनाई रखी जाएगी. धर्मगुरुओं, पीस कमेटी के सदस्यों से भी बातचीत कर उनसे माहौल शांत बनाए रखने में सहयोग देने को कहा गया है.
चप्पे-चप्पे पर है नजरइसके अलावा सभी जोन के एडीजी, आईजी रेंज से लेकर चौकी इंचार्ज आदि को सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर हेट स्पीच और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है. कई जनपदों से में उन्हें मैसेज देकर सामाजिक माहौल खराब करने वाले संदेश न देने के लिए भी कहा गया है. कुछ जगहों पर ऐसे लोगों कासे हिरासत में भी लिया गया है. प्रदेश भर में 132 बटालियन पीएसी की 10 कंपनी और सीएपीएफ की तैनाती कर दी गई है. सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जा रही है. ड्रोन से सर्वे किया जा रहा है.
शिया वक्फ बोर्ड के अधीन समस्त वक्फ मस्जिदों के मुतवल्लियों को बोर्ड के चैयरमैन का निर्देश जारी किया गया है. हर जुमे की नमाज और तमाम नमाजों में कोई ऐसी तकरीर न हो जिससे आपसी सौहार्द एवं शांति व्यवस्था भंग हो. नमाज के बाद कोई भीड़ इकठ्ठा न हो और न कोई जलसा हो.
