UP Police को मिले 15,000 से अधिक नए सिपाही, मॉडर्न क्र‍िमिनल्‍स से लड़ने के लिए दी गई एडवांस ट्रेन‍िंंग

प्रदेश के 15 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर समेत 76 जगहों पर 6 महीने की ट्रेनिंग पूरी करने वाले सिपाहियों की पासिंग आउट परेड हुई. लखनऊ में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आरटीसी के 399 पुलिस कांस्टेबल की पासिंग आउट परेड की सलामी ली. 11 ट्रेनिंग स्कूल कॉलेज और 65 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर है.

UP Police Passing Out Parade: मंगलवार को लखनऊ समेत 76 जगहों पर हुई पुलिस की पासिंग आउट परेड के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) को 15,000 से अधिक नए जवान और सिपाही मिले हैं. 6 महीने की ट्रेनिंग के बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को 15,487 नए पुलिस कांस्टेबल मिल गए. खास बात यह है कि इन्‍हें आधुन‍िक जमाने में बढ़ते अपराधों को देखते हुए पारम्‍पर‍िक कोर्स से हटकर आज की जरूरतों की ट्रेन‍िंग दी गई है.

ट्रेनिंग के सिलेबस को अपडेट किया

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 15 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर समेत 76 जगहों पर 6 महीने की ट्रेनिंग पूरी करने वाले सिपाहियों की पासिंग आउट परेड हुई. लखनऊ में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आरटीसी के 399 पुलिस कांस्टेबल की पासिंग आउट परेड की सलामी ली. उत्तर प्रदेश पुलिस के पास सिपाही और सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग के लिए 11 ट्रेनिंग स्कूल कॉलेज और 65 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर है. खास बात यह है कि ट्रेनिंग के प्रति और बदलते सिलेबस को देखते हुए 2019 में ट्रेनिंग सिलेबस को अपडेट किया गया था जिसमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ संवाद कला को भी शामिल किया गया.

साइबर क्राइम और फॉरेंसिक साइंस भी सीखा

इन ट्रेनिंग सेंटर में मुरादाबाद, सुल्तानपुर, जालौन, मेरठ, सीतापुर, चुनार और उन्नाव के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के साथ-साथ 65 जिलों की पुलिस लाइन में रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर शामिल हैं. इन ट्रेनिंग सेंटर पर 20,000 रिक्रूट को ट्रेंड करने की व्यवस्था है. यानी एक बार में 20,000 जवान, सिपाही और सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग ले सकते हैं. इस 6 माह की ट्रेनिंग के दौरान जवानों को परंपरागत कानून की पढ़ाई व पुलिसिंग के तरीकों के साथ-साथ साइबर क्राइम, फॉरेंसिक साइंस, सोशल मीडिया हैंडलिंग की भी पढ़ाई करवाई गई.

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By Prabhat Khabar News Desk

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