उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मामला फिर से चर्चे में है. इस बार इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी का ‘PM जनकल्याण योजना अभियान’ में महामंत्री बनाए जाने के मामले ने तूल पकड़ा है.
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रिहा होने के बाद दिया गया महामंत्री का पद
दरअसल, बुलंदशहर में गोकशी के एक मामले में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या कर दी गई थी.जिसमें शिखर अग्रवाल को आरोपी बताया गया था. जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था. जमानत पर रिहा होकर बाहर आने के बाद उसे ‘PM जनकल्याण योजना अभियान’ में महामंत्री पद दे दिया गया. इस मामले ने सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ा. जिसके बाद यूपी में विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला किया है.समाजवादी पार्टी व कांग्रेस दोनो ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरा है.
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ” बुलंदशहर में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी को भाजपा द्वारा अपने संगठन में ‘PM जनकल्याण योजना अभियान’ का महामंत्री बनाना, आरोपियों को सत्ता का संरक्षण देना है.यदि ऐसे अपराधी को इस तरह का सम्मान मिलेगा तो यक़ीनन इससे हमारे पुलिस अधिकारियों का मनोबल गिरेगा.”
यूपी कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया
वहीं इस मामले पर गरमाई राजनीति के बीच कांगेस की उत्तर प्रदेश इकाई भी सरकार पर हमलावर है. इस मामले को लेकर यूपी कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा में अपराधियों का बोलबाला है.
मामले को तूल पकड़ने के बाद पद से हटाया
वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले को गरमाता देख संस्था के जिलाध्यक्ष प्रियतम कुमार प्रेम ने शिखर अग्रवाल को पद से मुक्त कर दिया. मामले के तूल पकडऩे के बाद प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान के जिलाध्यक्ष प्रियतम कुमार ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इस मामले की जानकारी होते ही शिखर अग्रवाल को तत्काल उनके पद से मुक्त कर दिया गया है. प्रियतम कुमार व भाजपा ने इस संस्था का भाजपा से कोई लेना देना नहीं बताया है.
Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya
