UP News: धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत युवक को 5 साल जेल की सजा, जानिए क्या है पूरा मामला

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अमरोहा जस्टिस कपिला राघव ने आरोपी अफजल को दोषी मानते हुए पांच साल की जेल की सजा सुनाई है. उसपर कोर्ट ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह पहला मामला है जब यूपी में नये धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के बाद किसी को सजा मिली है.

UP News: उत्तर प्रदेश में पहली बार धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत एक शख्स को 5 साल जेल की सजा मिली है. धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021 के तहत अमरोहा की एक अदालत ने आरोपी को 5 साल कैद की सजा सुनाई. यह पहला मामला है जब यूपी में नये धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के बाद किसी को सजा मिली है. बता दें, दिसंबर 2021 में धर्मांतरण को लेकर नया कानून लागू किया गया था.

पिछले साल दर्ज किया गया था मुकदमा: जिस युवक को धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत सजा दी गई है उसका नाम अफजल है. अफजल पर राज्य के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत बीते साल मुकदमा दर्ज किया गया था. उसपर दूसरे समुदाय की एक युवती पर अपहरण का आरोप था. इस मामले में पुलिस ने अफजल को गिरफ्तार भी किया था.

नये कानून के तहत पहली बार मिली सजा: यूपी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आशुतोष पांडे के मुताबिक, यूपी में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू होने के बाद पहली बार किसी को सजा मिली है. बता दें, अफजल यूपी के संभल का रहने वाला है वो एक युवती के अपहरण मामले में आरोपी था और जमानत पर रिहा हुआ था. हालांकि, अमरोहा कोर्ट के सजा सुनाये जाने के बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

सजा के साथ जुर्माना: अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अमरोहा जस्टिस कपिला राघव ने आरोपी अफजल को दोषी मानते हुए पांच साल की जेल की सजा सुनाई है. उसपर कोर्ट ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. बताया जा रहा है कि अफजल ने नाम बदलकर युवती से दोस्ती की थी, बाद में उसे अगवा कर लिया. पीड़िता युवती के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने अफजल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था.

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By Pritish Sahay

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