उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मदरसों के लेकर एक नया आदेश जारी किया है. सरकार ने मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य के सभी जिलाधिकारियों को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. जल्द मदरसों का सर्वे पूरा होगा और उसके बाद इसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी. सरकार ने राज्य के सभी गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे 5 अक्टूबर तक कराने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए हैं.
राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि राज्य सरकार ने मदरसों में छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के सिलसिले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अपेक्षा के मुताबिक, प्रदेश के सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है. इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक सर्वेक्षण में मदरसे का नाम, उसका संचालन करने वाली संस्था का नाम, मदरसा निजी या किराए के भवन में चल रहा है इसकी जानकारी, मदरसे में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, मदरसे की आय का स्रोत से संबंधित सूचनाएं इकट्ठा की जाएंगी.
वहीं अनुदानित मदरसों में कार्यरत शिक्षिकाओं व अन्य महिला कर्मचारियों के लिए भी अच्छी खबर है. अब अन्य विभागों की तरह ही उन्हें ही अब छह महीने का मातृत्व अवकाश मिल सकेगा. इसके अलावा बाल्य देखभाल के लिए दो साल की छुट्टी भी मिल सकेगी. शासन ने संबंधित आदेश जारी कर दिया है.
