मात्र 24 सेकेंड में कुछ यूं जमींदोज हो जाएगी इमारत
पहले बॉक्स को चार्ज किया जाएगा और उसके बाद बटन ट्रिगर दबाया जाएगा.
इसके बाद करीब 9640 डी लेयर्स में करंट की सप्लाई शुरू हो जाएगी और धमाका होने लगेगा.
इस दौरान तकरीबन 9 सेकेंड में पूरा ब्लास्ट होगा. 13 से 15 सेकेंड में पूरी इमारत मलबे का ढेर बन जाएगी.
यह ब्लास्ट डी लेयर्स के मुताबिक होगा लेकिन देखने में महसूस होगा कि दोनों इमारतों में सारा धमाका एक साथ किया गया है.
बीते 20 दिनों से बारूद लोड करने का काम किया जा रहा है. धमाके के समय में हल्का सा भूकंप का झटका लगने का आभास हो सकता है. हालांकि, यह बहुत ही सामान्य होगा.
दक्षिण अफ्रीका की कंपनी जेट डिमोलिशन के डायरेक्टर जो ब्रिंकम���न ने इस इमारत में ब्लास्ट करने का डिजाइन तैयार किया है.
फाइनल ट्रिगर प्वाइंट चेतन दत्ता दबाएंगे. उस वक्त उनके साथ जो ब्रिंकमैन सहित छह लोगों की टीम मौजूद रहेगी.
ये दोनों इमारतें हाई सिसमिक जोन में हैं. इस वजह से लंदन की कंपनी से इसका पूरा सर्वे भी करवाया गया है.
धमाके के बाद धूल का गुबार उठेगा जो कुछ देर के बाद स्वत: छंट जाएगा.