लोकसभा में यादव पर‍िवार के प्रत‍िन‍िध‍ित्‍व पर सवाल, मैनपुरी सीट से तेजप्रताप स‍िंह यादव लड़ेंगे चुनाव?

लोकसभा में सपा की दावेदारी पर भी असर पड़ गया है. अब मैनपुरी लोकसभा संसदीय सीट पर यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम स‍िंह यादव का उत्‍तराध‍िकारी तलाशने की चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीड‍िया में हर नेता को लेकर अलग-अलग तरह के दावे क‍िये जा रहे हैं. इस बीच तेजप्रताप स‍िंह यादव सबसे आगे चल रहे हैं.

Mainpuri Bypoll Election News: समाजवादी पार्टी के संस्‍थापक मुलायम स‍िंह यादव के न‍िधन के बाद यूपी की मैनपुरी सीट से खाली पड़ी हुई है. इसी के साथ लोकसभा में सपा की दावेदारी पर भी असर पड़ गया है. अब मैनपुरी लोकसभा संसदीय सीट पर यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम स‍िंह यादव का उत्‍तराध‍िकारी तलाशने की चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीड‍िया में हर नेता को लेकर अलग-अलग तरह के दावे क‍िये जा रहे हैं. इस बीच तेजप्रताप स‍िंह यादव सबसे आगे चल रहे हैं.

राजनीत‍िक व‍िश्‍लेषक बताते हैं…

दरअसल, मैनपुरी संसदीय सीट से धर्मेंद्र यादव और तेज प्रताप यादव सांसद रह चुके हैं. यादव पर‍िवार के इन दो युवा नेताओं को सांसद बनने का अवसर उपचुनाव में जीत हास‍िल करने के बाद म‍िला था. ऐसे में सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अख‍िलेश यादव इन दोनों नेताओं में से क‍िसी एक को यह सीट दे सकते हैं. इस बीच सबसे अध‍िक संभावना इसी बात की जताई जा रही है क‍ि इस सीट से तेजप्रताप स‍िंह यादव को यहां से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है. राजनीत‍िक व‍िश्‍लेषक बताते हैं क‍ि 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए सपा किसी बड़े नामी उम्मीदवार पर दांव नहीं लगाना चाहती. ऐसे में आजमगढ़ में धर्मेंद्र यादव को उतारने जैसी गलती सपा दोबारा नहीं करेगी.

सपा के ल‍िए उच‍ित नहीं

सपा नेतृत्‍व का तेजप्रताप यादव पर भरोसा जताने का एक कारण यह भी है क‍ि वह साल 2011 में सैफई में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुने गये थे. वर्ष 2014 में मैनपुरी से सांसद चुने गए थे. उस वक्‍त उन्होंने विरोधी उम्मीदवार को 3 लाख से ज्यादा वोटों से हरा द‍िया था. जाह‍िर है, मैनपुरी की परीक्षा में वे दो बार सफल आ चुके हैं. इस नजर‍िये से सपा नेतृत्‍व की पहली पसंद तेजप्रताप स‍िंह यादव ही होंगे. वहीं, हाल ही में आजमगढ़ उपचुनाव में हार का सामना करने वाले धर्मेंद्र यादव को दोबारा मैदान में उतारना सपा के ल‍िए उच‍ित नहीं है.

बाहरी को सपा का ट‍िकट नहीं

लोकसभा में साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में पांच सांसद चुने गए थे. इनमें अख‍िलेश यादव, मुलायम स‍िंह यादव, आजम खान, डॉ. एसटी हसन और शफीकुर्रहमान बर्क सांसद बने थे. इसके बाद 2022 में हुये व‍िधानसभा चुनाव में जीतने के बाद आजम खान और अख‍िलेश यादव ने अपनी सांसदी छोड़कर यूपी में पार्टी का प्रत‍िन‍िध‍ित्‍व करने का फैसला क‍िया. इसके बाद लोकसभा में सपा के तीन सांसद रह गये थे. मुलायम स‍िंह यादव के न‍िधन के बाद लोकसभा में अब सपा के दो सांसद मौजूद हैं. बड़ी बात यह है क‍ि इसमें यादव पर‍िवार का कोई भी सदस्‍य नहीं है. ऐसे में र‍िक्‍त पड़ी मैनपुरी सीट पर क‍िसी बाहरी को सपा का ट‍िकट नहीं द‍िया जाएगा.

पर‍िवार को एकजुट करने की कोशिश तेज

मैनपुरी सीट पर उपचुनाव में सपा पर‍िवार से जब कोई नेता चुनाव लड़ेगा तो उसे मतदाताओं का साथ सांत्‍वना के साथ म‍िलेगा. ऐसे में मैनपुरी की सीट को फतह करने के ल‍िये सपा अपने पर‍िवार के ही क‍िसी चेहरे पर दांव लगाएगी. जाह‍िर है क‍ि इतने सारे समीकरणों के बीच में तेजप्रताप स‍िंह यादव को ही ट‍िकट देने की संभावना सबसे ज्‍यादा है. इसके ल‍िये सपा पर‍िवार के सभी सदस्‍यों को एकजुट करके तेजप्रताप की दावेदारी को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है. इस बीच श‍िवपाल स‍िंह यादव का भी समर्थन पाने के ल‍िये पुरजोर कोश‍िशें की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By Neeraj Tiwari

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