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आशा कर्मियों के साथ मारपीट मामला
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पुलिस टीम जांच के लिए रवाना
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जांच के बाद होगी कार्रवाई- एसपी, गोरखपुर
कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए जागरुकता फैलाने गई आशा वर्करों का आरोप है कि गांव के लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें गालिया भी दी. मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित डुमरिया गांव का है. जहां आशा वर्कर्स कोरोना टीकाकरण (Coronavirus Vaccination) के लिए जानकारी जुटाने और लोगों को जागरुक करने गये थे.
पीड़ितों का कहना है कि बीते 4 जून को वो गोरखपुर स्थित डुमरिया गांव गये थे. लेकिन ग्रामीणों ने उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की. गांववालों ने सर्वे नोटबुक भी फाड़ दिया. और कहा कि उन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं लगवानी हैं. एक कर्मी ने बताया कि डुमरिया गांव में जब उन्होंने एक घर के लोगों से आधार कार्ड मांगा तो उन्होंने गाली गलौज शुरू कर दी और कहा की उन्हो नहीं लेना है कोरोना का टीका.
पुलिस टीम रवानाः वहीं, घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके लिए पुलिस ने एक टीम को डुमरिया गांव रवाना कर दिया है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि आशा वर्करों की सिक्युरिटी देखना हमारी जिम्मेदारी है. ऐसे में किसी भी हमलावर को नहीं बख्शा जाएगा. पुलिस गांव में जांच करने के बाद उचित कार्रवाई करेगी.
पुलिस ने दर्ज किया एफआईआरः वहीं गौरखपुर के डुमरिया गांव में कथित तौर पर आशा वर्करों पर हुए हमले के बाद पुलिस एक्शन में आ गया है. पुलिस ने मामले को लेकर एक एफआईआर भी दर्ज कर लिया है. एफआईआर में कई मामलों के तहत केस दर्ज किया गया है. वहीं, जिले के पुलिस कप्तान का कहना है कि आशा कर्मचारियों के साथ हुए इस मामले में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
गौरतलब है कि, यूपी में गांव में भी कोरोना का कहर है ऐसे में पूरे प्रदेश में वैक्सीनेशन के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन कई जगहों पर स्वास्थ्य दल पर ही हमला हो रहा है. खासकर गांव के लोग ज्यादा हमलावर हो रहे हैं. बहरहाल डुमरिया मामले में पुलिस जांच कर रही है और जांच के बाद वो कार्रवाई भी करेगी.
Posted by: Pritish Sahay
