कानपुर में पाकिस्तानी नागरिक ने रामजानकी मंदिर की संपत्ति दी बेच, प्रशासन की जब नींद टूटी तो नोटिस जारी

प्रशासन को भनक तक नहीं लगी. मंदिर की जमीन पर पड़ोसी मुल्क के रहने वाले (पाकिस्तानी नागरिक) और बाबा बिरयानी वाले का कब्जा है. उसके बाद भी अफसर आंख बंद करके बैठे रहे. संपत्ति को रोक के बाद भी वसीयत करके खुलेआम बेचा गया. अब इस मामले में नोट‍िस जारी कर दी गई है.

Kanpur News: कानपुर के बेकनगंज में स्थित 99/14 ए शत्रु संपत्ति रामजानकी मंदिर ट्रस्ट के नाम पर है. फिर उसे बेच दिया गया. प्रशासन को भनक तक नहीं लगी. मंदिर की जमीन पर पड़ोसी मुल्क के रहने वाले (पाकिस्तानी नागरिक) और बाबा बिरयानी वाले का कब्जा है. उसके बाद भी अफसर आंख बंद करके बैठे रहे. संपत्ति को रोक के बाद भी वसीयत करके खुलेआम बेचा गया. अब इस मामले में नोट‍िस जारी कर दी गई है.

शत्रु संपत्ति की हुई घोषणा

कानपुर प्रशासन ने 99/14 ए बेकनगंज स्थित संपत्ति को शत्रु घोषित कर दिया है. इसके लिये मुख्तार अहमद बाबा को नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस में सवाल-जवाब किया गया है. प्रशासनिक अफसरों के मुताबिक मंदिर की पंचशाला में जमीन रामजानकी मंदिर ट्रस्ट के नाम पर दर्ज है. नगर निगम के रिकॉर्ड में वहां पर 18 दुकानें हिंदुओं को आवंटित थीं. इसी में सेटिंग करके पाकिस्तानी नागरिक आबिद रहमान से जमीन 1982 में आदरा बेगम ने खरीद ली. फिर उनके बेटे और बाबा बिरयानी के संचालक तीन भाइयों मुमताज, मुश्ताक और मुख्तार बाबा के नाम पर वसीयत कर दी गई जबकि पाकिस्तान के नागरिक की जमीन खरीदी और बेची नहीं जा सकती है.

प्रशासन ने जारी किया नोटिस

वहीं, पूरे मामले में एसडीएम सदर अनुराग जैन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के मुताबिक जमीन रामजानकी मंदिर ट्रस्ट के नाम पर है. बाबा बिरयानी व उसके भाइयों ने कैसे कब्जा कर पूरी जमीन ले ली.इसके लिए नोटिस दिया गया है. जवाब आने पर कस्टोडियन से राय लेकर आगे की कार्रवाई होगी.

रिपोर्ट: आयुष तिवारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >