Nirbhaya Justice : दरिंदों को फांसी मिलने के बाद निर्भया के गांव मेड़वरा कलां में जश्न का माहौल, लोगों ने मनायी होली

Delhi Gangrape मामले में चारों दोषियों को सात साल बाद आज तड़के फांसी पर चढ़ाने के बाद Nirabhaya के पैतृक गांव में खुशी का माहौल है. गांव में लोगों ने फांसी की खबर सुनने के बाद एक तरह से होली और दीपावली साथ साथ मनायी. लोगों का कहना है कि दोषियों को फांसी मिलने के बाद बलात्कारियों के अंदर खौफ बढ़ेगा.

लखनऊ : दिल्ली गैंगरेप मामले में चारों दोषियों को सात साल बाद आज तड़के फांसी पर चढ़ाने के बाद निर्भया के पैतृक गांव में खुशी का माहौल है. गांव में लोगों ने फांसी की खबर सुनने के बाद एक तरह से होली और दीपावली साथ साथ मनायी. निर्भया के दादा ने 20 मार्च को निर्भया दिवस के रूप में मनाने की मांग करते हुए कहा ‘काली रात बीत गयी और नया सबेरा हो गया. आज देश में सबसे बड़े कोरोना वायरस का अंत हो गया.

जिला मुख्यालय से तकरीबन 45 किलोमीटर दूर बिहार सीमा से सटे मेड़वरा कलां में आज की सुबह बेहद खास रही. निर्भया के गांव में रह रहे उसके परिजनों के साथ ही ग्रामीण कल रात से ही टीवी के सामने बैठे रहे तथा पलपल की ताजा जानकारी लेते रहे. चारों दोषियों को आज तड़के फांसी पर लटकाए जाने की खबर टी वी पर देखते ही गांव में मौजूद निर्भया के दादा-दादी और चाचा-चाची सहित अन्य परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर और रंग लगाकर जश्न मनाया.

निर्भया के परिजन के साथ ही भारी संख्या में ग्रामीण पैतृक गांव में निर्भया की स्मृति में स्थापित सरकारी अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए तथा रंग व अबीर गुलाल लगाकर होली मनायी. निर्भया के दादा लाल जी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज उनके परिवार के साथ ही देश को न्याय मिला. उन्होंने कहा ‘आज भारत से सबसे बड़ा कोरोना वायरस खत्म हो गया. काली रात बीत गयी तथा नये सबेरे का आगाज हो गया.

निर्भया कांड के बाद से सात वर्ष से परिवार ने होली दीपावली नहीं मनायी थी । आज हम होली और दीपावली मना रहे हैं.’ उन्होंने न्यायपालिका को धन्यवाद देते हुए कहा कि उस ने उन्हें न्याय दिया.

लाल जी सिंह ने कहा ‘अब निश्चित रूप से देश में दरिंदगी करने के पहले लोग सोचने पर विवश होंगे. बलात्कार सरीखी घटनाओं पर अंकुश लगेगा.’ उन्होंने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने यदि दया याचिका को तकरीबन डेढ़ साल तक लटकाया नही होता तो सम्भव था कि दरिंदे पहले ही फाँसी पर लटक गये होते. सिंह ने मांग की कि 20 मार्च को निर्भया दिवस के रूप में घोषित किया जाये तथा महिला अपराध सम्बन्धी मामलों में त्वरित न्याय के लिए कानून में संशोधन कर समयबद्ध सजा का प्रावधान किया जाये.

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Author: AvinishKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

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