उत्तर प्रदेश में मंकीपॉक्स की दस्तक? 5 साल की बच्ची में दिखा लक्षण, डिप्टी सीएम ने दी बड़ी जानकारी

Uttar Pradesh News: यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि गाजियाबाद मामला संदिग्ध है और निगरानी में है. सैंपल के जांच के लिए आईसीएमआर एनआईवी पुणे भेजे गए हैं. बता दें कि गाजियाबाद में 5 साल की एक बच्ची में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने की बात सामने आयी थी.

Uttar Pradesh News: गाजियाबाद में एक पांच वर्षीय बच्ची में मंकीपॉक्स (Monkeypox) बीमारी जैसे लक्षण मिलने का मामला सामने आया है. पांच वर्षीय बच्ची को उसके शरीर पर खुजली और चकत्ते की शिकायत के बाद उसका मंकीपॉक्स टेस्ट (Monkeypox Test) किया जा रहा है. इसकी सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेज दिए हैं. वहीं इस बारे में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी जानकारी दी है.

यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि गाजियाबाद मामला संदिग्ध है और निगरानी में है. सैंपल के जांच के लिए आईसीएमआर एनआईवी पुणे भेजे गए हैं. बता दें कि गाजियाबाद में 5 साल की एक बच्ची में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने की बात सामने आयी थी. बच्ची खुजली से परेशान थी और इसके शरीर पर चक्कतों भी पड़ रहे थे. गाजियाबाद के सीएमओ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उस बच्ची को स्वास्थ्य संबंधी कोई दूसरी समस्या नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि न ही वह और न उसके कोई करीबी रिश्तेदार पिछले एक महीने के दौरान विदेश यात्रा पर गए हैं.

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क्या है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस है. इसमें चेचक के रोगियों जैसे लक्षण होते हैं. इसका कोई सटीक इलाज नहीं है. संक्रामक होने के बावजूद इसे कम गंभीर माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी जानलेवा नहीं है. इसके बावजूद संक्रमण से बचाव के लिये सावधान रहने की जरूरत है.

जानें क्या हैं लक्षण

  • मंकी पॉक्स वायरस त्वचा, आंख, नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है

  • संक्रमित जानवर के काटने या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ या फिर उसको छूने से हो सकता है

  • मंकी पॉक्स संक्रमित जानवर का मांस खाने से भी हो सकता है

  • मंकीपॉक्स के लक्षण बुखार, दाने और सूजी हुई लिम्फ नोड्स हैं और इससे कई तरह की मेडिकल कॉम्पलिकेशन्स हो सकती हैं.

  • मंकीपॉक्स आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहता है.

  • मंकीपॉक्स का इलाज चेचक के समान किया जाता है.

  • मंकीपॉक्स चेचक की तुलना में कम संक्रामक है और कम गंभीर है.

  • चेचक के टीके भी मंकीपॉक्स से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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