Gandhi Death Anniversary: गांधी का चुटकी भंडार, बेटियों को दिया शिक्षा का अधिकार

चुटकी चुटकी आटा मांगकर स्कूल भी खोला जा सकता है इसकी कल्पना शायद ही की जा सकती है, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने लखनऊ में इस कल्पना को साकार किया. आज वहां तमाम बालिकाओं के शिक्षा मिल रही है.

Gandhi Death Anniversary: सन 1921 में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी लखनऊ आए. उसी समय स्वतंत्रता सेनानी पंडित विश्वनाथ वाजपेयी ने महात्मा गांधी से बालिकाओं के लिए एक राष्ट्रीय पाठशाला खोलने की मांग की तब महात्मा गांधी ने महिलाओं से सिर्फ एक चुटकी आटा देने का आग्रह किया आटा संग्रह के लिए जगह-जगह हांडी रखवाई गई. महिलाएं एक-एक चुटकी आटा इन हांडी में डालने लगी.

महात्मा गांधी की अपील पर लखनऊ और आसपास के शहरों की महिलाएं स्कूल बनाने के लिए सहभागिता में जुट गईं. आटा बेचकर उस समय 64 रुपये चार आने मिले थे. इसी पैसे से आठ अगस्त 1921 को चुटकी भंडार बालिका स्कूल की नींव पड़ी. पहले बैच में यहां 19 लड़कियों ने दाखिला लिया. छप्पर से शुरू हुआ स्कूल आज बड़े बड़े दो भवनों में खड़ा है. 19 बालिकाओं से बढ़कर बच्चों की संख्या हजरों पहुंच गई. 1921 में शुरू हुई बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने मुहिम आज तक निरंतर जारी है.

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