Gorakhpur News: रैन बसेरों को लेकर डीएम सख्त, अधिकारियों से कराई जांच, सही नहीं मिली सफाई व्यवस्था

Gorakhpur News: गोरखपुर में बढ़ते ठंड को देखते हुए रैन बसेरों की व्यवस्था का जायजा जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों से कराई. जिसमें कुछ स्थानों पर रैन बसेरा तो सही मिला. लेकिन अधिकतर रैन बसेरे में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं मिली.

Gorakhpur News: गोरखपुर में बढ़ते ठंड को देखते हुए रैन बसेरों की व्यवस्था का जायजा जिलााधिकारी कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों से जांच कराई. जिसमें कुछ स्थानों पर रैन बसेरा तो सही मिला. लेकिन अधिकतर रैन बसेरे में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं मिली. शहर के धर्मशाला बाजार रैन बसेरा में तो वहां के स्थानीय लोगों ने वाहन पार्किंग बना डाला है. कई बार इसको लेकर खबर चली लेकिन वहां के स्थानीय पार्षद और नगर निगम के अधिकारी कुछ भी कार्रवाई नहीं करते दिखे.

रैन बसरे में निजी वाहनों की पार्किंग पाई गई

जिलाधिकारी ने धर्मशाला बाजार रैन बसेरा में निजी वाहनों की पार्किंग पाई. इस संबंध में संचालक से स्पष्टीकरण तलब किया है और उन्होंने सभी रैन बसेरे की दशा सुधारने के लिए दिशा निर्देश किया है. डीएम के निर्देश पर रात में अधिकारियों ने गोरखपुर शहर के शाहपुर, बसारतपुर ,बीआरडी मेडिकल कालेज परिसर, गोरखनाथ झूलेलाल मंदिर के पास, मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन और धर्मशाला स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण किया. जिसमें कई रैन बसेरे में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली.

मोहल्ले के लोग रैन बसेरे में मिले सोते हुए

इधर बढ़ते ठंड को देखते हुए प्रभात खबर की टीम ने रेलवे स्टेशन और धर्मशाला बाजार रैन बसेरे में व्यवस्था को लेकर रियलिटी चेक की थी. जिसमें धर्मशाला स्थित रैन बसेरे में कई गाड़ियां खड़ी थी. जब वहां मौजूद जिम्मेदार व्यक्ति से पूछा गया तो वह टालमटोल करते दिखाई दिए. वहां पर सो रहे लोग कोई बाहरी आदमी या जरूरतमंद नहीं थे.

मोहल्ले के लोग ही उस रैन बसेरे में सो रहे थे. पूछे जाने पर कि रैन बसेरा किसके लिए बना है तो उसमें से एक व्यक्ति ने बताया कि हमारे घर में सोने का जगह नहीं है इसलिए हम यहां पर आ कर सोते हैं. वहां से महज 100 से150  मीटर की दूरी पर धर्मशाला पार्षद छठी  लाल गुप्ता का आवास है जब उनसे इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया. वहीं बगल में ही मेयर का कैंप कार्यालय भी है ,रेलवे स्टेशन के सामने स्थित रैन बसेरे की स्थिति भी अच्छी नहीं थी.

फुटपाथ पर सोने को मजबूर बेघर लोग 

प्रभात खबर की टीम ने जब फुटपाथ पर सो रहे लोगों के बीच जाकर यह जानकारी ली कि आप लोग रैन बसेरे में क्यों नहीं जाते हैं. जिसपर उन लोगों ने बताया कि रैन बसेरा में उन लोगों को नहीं सोने दिया जाता है. मजबूरन उन्हें सड़क पर ही सोना पड़ता है. और अभी तक प्रशासन द्वारा नहीं अलाव की व्यवस्था की गई है और नहीं कंबल दिए गए हैं.

रिपोर्टर –कुमार प्रदीप ,गोरखपुर

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Published by: Prabhat khabar news desk

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