'रामलला टेंट में नहीं अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे...' पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि राम आग नहीं ऊर्जा हैं, राम विवाद नहीं समाधान हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 22 जनवरी 2024 का यह सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है और यह एक नए कालचक्र का उद्गम है. हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे. वे अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे.

500 सालों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर अयोध्या में रामलला विराज चुके हैं. आज यानी सोमवार को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण-प्रतिष्ठा से संबंधित विशेष अनुष्ठान शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने रामलला की आरती की और भगवान राम की मूर्ति को दंडवत प्रणाम किया. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे राम आ गए हैं…सदियों के इंतजार के बाद राम पधारे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि अब रामलला टेंट में नहीं बल्कि दिव्य मंदिर में रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि हजारों सालों बाद भी लोग इस दिन की चर्चा करेंगे. आइए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बात…

  • प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने कहा कि राम आग नहीं ऊर्जा हैं, राम विवाद नहीं समाधान हैं.

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 22 जनवरी 2024 का यह सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है और यह एक नए कालचक्र का उद्गम है.

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज मैं प्रभु श्री राम से क्षमा याचना भी करता हूं, हमारे पुरुषार्थ में कुछ तो कमी रह गई होगी, हमारी तपस्या में कुछ कमी रही होगी कि हम इतने सदियों तक मंदिर निर्माण नहीं कर पाए. आज वह कमी पूरी हुई.

  • पीएम मोदी ने कहा कि आज हमें सदियों के उस धैर्य की धरोहर मिली है. आज हमें श्रीराम का मंदिर मिला है. पूरा देश आज दिवाली मना रहा है. 

  • पीएम मोदी ने कहा कि यह राम का परम आशीर्वाद है कि हम इसके साक्षी बन रहे हैं.

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये राम के रूप में राष्ट्र चेतना का मंदिर है.

  • पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संविधान की पहली प्रति में राम विराजमान हैं.

  • सदियों के धैर्य की धरोहर मिली है, प्राण प्रतिष्ठा के बाद बोले पीएम मोदी.

  • राम भारत की प्रतिष्ठा हैं… प्रवाह हैं… आग नहीं ऊर्जा हैं.

  • पीएम मोदी ने कहा कि हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे. वे अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे. ये पल पवित्र पल है. ये घड़ी प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद है. आज का दिन केवल तारीख नहीं बल्कि एक नये का चक्र का उद्गम है.

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Author: Pritish Sahay

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