बायोमेडिकल वेस्ट कूड़े में फेंकने पर डिस्पोजल एजेंसी ने लिया एक्शन, आईएमए पीडीए को किया सर्कुलर जारी

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण ने प्रभात खबर के द्वारा दिखाए गए बायो मेडिकल वेस्ट को नगर निगम के कचरा बॉक्स में फेंकने वाले वीडियो पर अलीगढ़ में बायो मेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा था.

Aligarh News: हॉस्पिटल, क्लीनिक और लैब से निकलने वाले मेडिकल कचरा यानी बायो मेडिकल वेस्ट को नगर निगम के कचरा बॉक्स में फेंकने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा था. एजेंसी ने मामले पर एक्शन लेते हुए आईएमए, पीडीए को सर्कुलर जारी किया है. इसमें बायोमेडिकल वेस्ट को कूड़े में फेंकने पर आपत्ति जताई है.

डिस्पोजल एजेंसी ने जारी किया सर्कुलर

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण ने प्रभात खबर के द्वारा दिखाए गए बायो मेडिकल वेस्ट को नगर निगम के कचरा बॉक्स में फेंकने वाले वीडियो पर अलीगढ़ में बायो मेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर एजेंसी ने एक्शन लेते हुए आईएमए, पीडीए को सर्कुलर जारी किया है. बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल एजेंसी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन के लिए सर्कुलर जारी किया है. सर्कुलर में एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अलीगढ़ के कुछ हॉस्पिटल और नर्सिंग होम के द्वारा लाल, नीली, पीली पॉलिथीन में जनरल कचरा भरकर नगर निगम डस्टबिन में डाला जा रहा है. जो बायो मेडिकल वेस्ट के नियम के विरुद्ध है. आईएमए, पीडीए के सदस्य हॉस्पिटल, क्लीनिक जनरल वेस्ट के लिए काली पॉलिथीन का प्रयोग करें. लाल, नीली, काली रंग की पॉलिथीन में उसके अनुरूप वेस्टेज ही भरकर एजेंसी को दें.

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स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम साधे हुए है चुप्पी

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय अलीगढ़ के द्वारा एडी हेल्थ और नगर आयुक्त को बायो मेडिकल वेस्ट को कूड़े में फेंकने को लेकर पत्र लिखा गया था. पत्र मिलने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम बायो मेडिकल वेस्ट मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. अभी तक स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के द्वारा मामले पर कोई भी एक्शन देखने को नहीं मिला. बायोमेडिकल बेस्ट पर दी गई कवरेज का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ जेपी सिंह ने बायो मेडिकल वेस्ट को उठाने के लिए जिम्मेदार एजेंसी मै. बायो मेडिकल डिस्पोजल एजेंसी मथुरा से 7 दिन में स्पष्टी��रण मांगा था. साथ ही एडी हेल्थ अलीगढ़, सीएमओ अलीगढ़, नगर आयुक्त अलीगढ़, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन , प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन को पत्र लिखकर मामले के बारे में सूचित किया था.

प्रभात खबर ने किया था खुलासा

बायो मेडिकल वेस्ट को नगर निगम के सामान्य कचरा बॉक्स में फेंकने को लेकर प्रभात खबर में एक वीडियो में मामले का खुलासा किया था. वीडियो में हॉस्पिटल, क्लीनिक, लैब से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को देर रात मौका देखकर नगर निगम के मौहल्लों की गलियों में, सड़क किनारे रखे कचरा बॉक्स में सामान्य कचरे के साथ फैंकना दिखाया गया था.

क्‍या होता है बायोमेडिकल वेस्ट?

हॉस्पिटल, क्लीनिक, लैब से ट्रीटमेंट के दौरान मेडिकल कचरा यानी बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है, जो सामान्य कचरे से अधिक खतरनाक है. इसके सम्पर्क में आने के बाद कई संक्रमित व असंक्रमित बीमारी समाज में फैल सकती हैं. इस तरह के बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे से अलग डिस्पोजल किया जाता है.

रिपोर्ट : चमन शर्मा

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Published by: Prabhat khabar news desk

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