लखनऊ : एक फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से पेश किये जाने वाले बजट को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर लागू आचार संहिता के बाद राज्य हित में कोई भी विशेष योजना की घोषणा नहीं की जा सकती है. ऐसे में यदि एक फरवरी को केंद्रीय आम बजट पेश किया जाता है, तो उसका प्रभाव पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा है कि आप अवगत ही हैं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 23 जनवरी, 2017 को पत्र के माध्यम से भारत सरकार को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार के आगामी बजट में चुनाव आचार संहिता से प्रभावित पांच राज्यों के हित में कोई भी विशेष योजना घोषित नहीं की जाये.
पीएम मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि ऐसे में यह प्रबल संभावना बन गयी है कि उत्तर प्रदेश राज्य, जिमें कि देश की सबसे बड़ी जनसंख्या निवास करती है को भारत सरकार के आगामी सामान्य और रेल बजट में कोई विशेष लाभ या योजना प्राप्त नहीं हो सकेगी, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों एवं यहां के 20 करोड़ निवासियों के हितों पर पड़ेगा.
मुख्यमंत्री अखिलेश ने 2012 के चुनाव के समय की घटनाओं को याद दिलाते हुए अपने पत्र में लिखा है कि मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि फरवरी-मार्च, 2012 में भी राज्यों में आम चुनावों को देखते हुए तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा चुनावों की निष्पक्षता को बनाये रखने के लिए खुद ही निर्वाचन के बाद सामान्य और रेल बजट को संसद में पेश करने का निर्णय लिा गया था.
उन्होंने लिखा है कि उत्तर प्रदेश की जनता का नुमाइंदा होने के नाते मेरा आपसे अनुरोध है कि भारत सरकार के आगामी सामान्य और रेल बजट को निर्वाचन के बाद संसद में पेश करने पर विचार करने का कष्ट करें, ताकि उत्तर प्रदेश के विकास एवं जनता के हित में योजनाओं की घोषणा की जा सके.
