गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अब भ्रष्टाचारियों और बेईमानों के लिए कोई चारा नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि आपने मुझे भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सत्ता सौंपी है और मैं वही कह रहा हूं. उन्होंने आम जनता से कहा, मैं जो कुछ कर रहा हूं, उसमें देशहित है और मुझे पूरी उम्मीद है कि आप तकलीफ होने के बावजूद मुझे समर्थन देंगे. उन्होंने नोटबंदी पर सफाई देते हुए कहा कि यह जरूरी हो गया था कि भ्रष्टाचारी जो कालाधन अपने पास रखे हुए हैं, उन्हें बेकार किया जाये, इसलिए सरकार ने 500-1000 के नोट बंद कर दिये हैं. पीएम मोदी ने इस दौरान अपनी व कांग्रेस की ‘हैसियत’ की चर्चा की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चवन्नी बंद करने की ‘हैसियत’ थी, इसलिए वह किया, हमारी पांच सौ-हजार के नोट बंद करने की ‘हैसियत’ थी, हमने वह किया.
नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि आज गरीब देश में चैन की नींद सो रहा है जबकि कालेधन वाले नींद की गोलियां ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरा निर्णय थोड़ा कड़क है, इसलिए कुछ लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि जब मैं छोटा था, तो लोग मुझसे कहते थे कि थोड़ी कड़क चाय पिलाना, इसलिए मुझे कड़क निर्णय लेने की आदत है. कड़क चीज गरीबों को तो पसंद है, लेकिन अमीरों को यह पचती नहीं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और उग्रवाद को समाप्त करने के लिए पांच सौ 1000 के नोट बंद होना जरूरी था. इसलिए मैंने इन्हें बंद किया.
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह हमसे पूछ रहे हैं कि आपने किस कानून के तहत 500-1000 के नोट बंद किये. वे उस निर्णय को भूल गये, जो उनकी सरकार ने लिये थे चवन्नी को बंद करके. उन्होंंने कहा कि अब गृहिणियों को भड़काया जा रहा है, उनसे कहा जा रहा है कि आपकी बचत पर सरकार की नजर है. लेकिन मैं अपनी माताओं-बहनों को आशवस्त करना चाहता हूं कि जबतक मैं जिंदा हूं आपकी बचत पर कोई सरकारी अधिकारी नजर भी नहीं डाल पायेगा. हम माताओं की ढाई लाख तो छोड़ सकते हैं, लेकिन बेईमानों के ढाई करोड़ को नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले गंगा नदी में पैसे बहा रहे हैं, लेकिन इससे उनका पाप नहीं धुलेगा. अब देश में बेईमानों के दिन खत्म होकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि आप मुझे इस पवित्र काम को करने के लिए आशीर्वाद दें.
उन्होंने कहा कि जो लोग कालाधन पर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे थे, वे अब नोटबंदी पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि आम जनता को परेशानी हो रही है, इसके लिए मैं रात-दिन उपाय में जुटा हूं कि आम लोग को राहत मिले, मैं आपके दुख को समझता हूं. लेकिन यह तकलीफ सिर्फ 50 दिन ही रहेगी. आप मुझे भ्रष्टाचार के साथ लड़ाई लड़ने में मदद करें, मुझपर अपना भरोसा दिखायें, ताकि मैं सफल रहूं.
मैं लोकसभा चुनाव से पहले यहां आया था और आपसे कहा था कि मुझपर भरोसा करो. आपने मुझपर भरोसा किया और हमारी पार्टी को चुनाव में अपना भरपूर समर्थन देकर देश के नवनिर्माण की नींव डाली. रैली में मोदी-मोदी के नारे लग रहे हैं. उन्होंने कहा कि आपने मुझपर जो प्रेम बरसाया है, उसे मैं ब्याज सहित लौटाऊंगा.
उन्होंने कहा कि 1962 में पंडित नेहरू ने इस देश के विकास के लिए कुछ योजनाएं बनायी थीं, लेकिन इतने वर्षों बाद भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया. लेकिन आज मेरी सरकार ने उन योजनाओं को अमली जामा पहनाने की शुरुआत की गयी है. उन्होंने कहा कि मैंने पंडित नेहरु को श्रद्धांजलि देने के लिए आज उनके जन्मदिवस पर उन योजनाओं की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि 1962 में गंगानदी पर पुल बनाने की बात हुई थी, सरकारें आयीं और गयीं, लेकिन यह पुल नहीं बन पाया. अाज मैंने इस पुल का शिलान्यास किया है और वादा करता हूं कि तय समय पर इस पुल को पूरा करके दिखाऊंगा. मोदी ने किसानों के लिए लाभकारी फसल बीमा योजना का जिक्र किया और बताया कि यह किसान के लिए है.
उन्होंने यहां रेल परियोजनाओं की शुरुआत हरी झंडी दिखाकर की. इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी में की. मोदी ने सबसे पहले वहां उपस्थित गणमान्य और आम लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मुझे यहां दुबारा आने का अवसर मिला है. साथ ही उन्होंने गाजीपुर और मऊ को जोड़ने वाली रेलवे पुल का भी उद्घाटन किया.
Uttar Pradesh: PM Modi arrives in Varanasi, will visit Ghazipur to lay foundations of a railway line and a bridge over river Ganges pic.twitter.com/69VEBDBMww
— ANI UP (@ANINewsUP) November 14, 2016
इसके अलावा कई अन्य विकास योजनाओं की भी शुरुआत होगी, जिनमें गाजीपुर-बलिया रेल खंड 65.1 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण विद्युतीकरण का भी शिलान्यास भी शामिल है.
