क्या विकास का मंत्र दिलायेगा यूपी में फतह?

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में थे. उन्होंने यहां 26 साल से बंद एक उर्वरक कारखाने और एम्स का शिलान्यास किया. जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने एक बार फिर विकास का मंत्र दोहराया और कहा कि बहुत हो गया जातिवाद, परिवाद अगर प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाना […]

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में थे. उन्होंने यहां 26 साल से बंद एक उर्वरक कारखाने और एम्स का शिलान्यास किया. जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने एक बार फिर विकास का मंत्र दोहराया और कहा कि बहुत हो गया जातिवाद, परिवाद अगर प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाना है तो इनसब से ऊपर उठना होगा. लेकिन सवाल यह है कि क्या दलित मुद्दों पर घिरी भाजपा मात्र विकास के एजेंडे पर लखनऊ फतह कर पायेगी?

यूपी में जातीय समीकरण तय करता है विधायकों का भविष्य
यूपी एक ऐसा राज्य है जहां जातीय समीकरण चुनाव में बहुत मायने रखते हैं. सपा के साथ मुस्लिम और यादव वोटर हैं. मायावती का अपना वोट बैंक है जो हर हाल में उनके साथ है यानी दलित वोटर. इसके अलावा ब्राह्मणों को भी मायावती ने अपने पाले में कर रखा है. ऐसे में भाजपा के पास क्या है. ऐसे में भाजपा सिर्फ कुछ प्रतिशत अगड़ों के वोट के सहारे फतह हासिल नहीं कर सकती. उसे दलित का वोट भी चाहिए. ऐसे में अगर लगातार दलित विरोधी गतिविधि में पार्टी की संलिप्तता उजागर हुई तो पार्टी के लिए सिर्फ विकास के सहारे जीत दर्ज करना मुश्किल होगा ऐसा राजनीति के जानकार मानते हैं.

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