आईआईटी की परीक्षा पास करना युवाओं का सपना होता है, लेकिन जब कोई इस परीक्षा को पास करने बाद भी उसमें दाखिला ना ले पाये, तो इसे क्या कहेंगे? दुर्भाग्य. कुछ इसी परिस्थिति का सामना इन दिनों आगरा के युवा हर्षित शर्मा कर रहे हैं. उन्होंने आईआईटी की परीक्षा तो पास कर ली है, लेकिन उनके पास दाखिला लेने के लिए पैसे नहीं हैं, जिसके कारण वे मानसिक परेशानियों से गुजर रहे हैं.
गौरतलब है कि हर्षित शर्मा के पिता एक ऑटो चालक हैं, जिसके कारण इनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. ऑटो ड्राइवर गजानंद शर्मा के बेटे हर्षित ने पहले ही प्रयास में आईआईटी-जेईई एडवांस परीक्षा पास की और 3162वीं रैंक पाया है. लेकिन आर्थिक परेशानी हर्षित को उसके सपने से दूर कर सकती है. हालांकि उनका पूरा परिवार पैसों के इंतजाम में जुटा हुआ है.
