उलेमाओं से बू आती है: लक्ष्मीकांत वाजपेयी

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, लेकिन उसके पहले ही इसे लेकर राजनीति तेज हो गयी है. मुसलमान इस दिवस में इसलिए शामिल नहीं होना चाहते, क्योंकि इसमें सूर्य नमस्कार भी करवाया जायेगा. हालांकि सरकार की ओर इस बात को साफ कर दिया गया है कि योग दिवस के दिन सूर्यनमस्कार को शामिल नहीं […]

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, लेकिन उसके पहले ही इसे लेकर राजनीति तेज हो गयी है. मुसलमान इस दिवस में इसलिए शामिल नहीं होना चाहते, क्योंकि इसमें सूर्य नमस्कार भी करवाया जायेगा. हालांकि सरकार की ओर इस बात को साफ कर दिया गया है कि योग दिवस के दिन सूर्यनमस्कार को शामिल नहीं किया गया है.

बावजूद इसके योग दिवस को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने विवादास्पद बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें उलेमाओं से बू आती है.हालांकि बाद में उन्होंने यह स्पष्टीकरण दिया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, वे सिर्फ सपा नेता आजम खां को जवाब दे रहे थे.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के बड़बोले नेता आजम खां ने योग दिवस के आयोजन को लेकर पूछे गये सवाल पर यह प्रतिक्रिया दी थी कि उन्हें योग से नहीं योगियों से बू आती है. उनके निशाने पर भाजपा सांसद आदित्यनाथ थे. जिन्होंने यह बयान दिया था कि योग का विरोध करने वालों को देश छोड़ देना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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