उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के एक दिन पहले गंगा में तैरते मिले 104 शव

उन्‍नाव/कानपुर/लखनऊ : उत्‍तरप्रदेश के उन्‍नाव जिले के परियर घाट के कल दोपहर को अचानक लोगों के 104 शव मिलने से आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है. जिले के इस घाट पर एक ही बार में इतनी बड़ी संख्‍या में मिले शवों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. हालात का जायजा लेकर उन्‍होंने […]

उन्‍नाव/कानपुर/लखनऊ : उत्‍तरप्रदेश के उन्‍नाव जिले के परियर घाट के कल दोपहर को अचानक लोगों के 104 शव मिलने से आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है. जिले के इस घाट पर एक ही बार में इतनी बड़ी संख्‍या में मिले शवों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. हालात का जायजा लेकर उन्‍होंने मामले की छानबीन करने का आदेश दिया है. प्रदेश सरकार ने भी इस मामले की खबर मिलते ही पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं.

कल दोपहर के समय जब आसपास के लोगों ने घाट पर लगे ये शव देखे तो उन्‍होंने आनन -फानन में इसकी जानकारी जिले के डीआईजी को दी. जानकारी पाकर मौके पर जिले के आईजी के साथ कानपुर और उन्‍नाव के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. उस स्‍थान से तेज बदबू आने के कारण वे लोग वहां ज्‍यादा देर तक टिक नहीं पाए.

पुलिस ने शवों को निकालने का काम शुरू कर दिया. ये शव महिलाओं और पुरुषों दोनों की हैं. कुछ शवों पूरी तरह ठीक हैं. जबकि कुछ के शरीर के अंग क्षतिग्रस्‍त हैं. पुलिस ने बताया कि संभवत: इन शवों को जलीय जीव खा गये होंगे. उन्‍होंने शवों को निकालकर जेसीबी से जमीन लेकर उन्‍हें दफनाने का काम शुरू कर दिया.

मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत वाजपेयीके साथ जिले के विधायक मौके पर पहुंचे. वाजपेयी ने घटनास्‍थल पर आते ही शवों के दफनाने का काम रोक दिया. उन्‍होंने कहा पहले इन शवों की पोस्‍टमॉर्टम किया जाएगा उसके बाद ही इन्‍हें दफनाया जाएगा.

मामले की खबर मिलते ही गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान के राष्ट्रीय संयोजक रामजी त्रिपाठी धरने पर यह कहकर बैठ गए कि मकर संक्रांति के एक दिन पहले गंगा नदी की यह स्‍थति ठीक नहीं है. जल्‍द से जल्‍द इन्‍हें ठिकाने लगा दिया जाए, ताकि मकरसंक्रांतिके दिन लोग गंगा में पवित्र स्‍नान कर सकें. वहीं वरिष्‍ठ अधिकारियों ने बताया कि परियर घाट के पास पानी का बहाव कम होने के कारण शव यहां आकर अटक गयेहैं.

ज्ञात हो कि कुंवारी लड़कियों और बच्‍चों को यहां जल में प्रवाहित करने की परंपरा है. इसके वजह से हर दिन तकरीबन पांच से छह लाशों को नदी में बहाया जाता है. आस्‍था और परंपरा के नाम पर पुलिस भी लोगों को ऐसा करने से रोक नहीं पाती है. बिठूर घाट पर कन्‍नौज, बिल्‍लौर आदि स्‍थानों से शव परियर घाट में बहते हुए आ जाते हैं. लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्‍या में यहां से शव मिले हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >