आदित्यनाथ ने लखनऊ में बगैर अनुमति के रैली की, अखिलेश सरकार को घेरा

लखनऊ : अपने तल्ख बयानों के लिये अक्सर चर्चा में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रशासन की अनुमति के बगैर चुनावी रैली की. इजाजत नहीं मिलने पर आदित्‍यनाथ ने सपा सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्‍होंने इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण कदम करार दिया. लखनऊ पूर्वी सीट से भाजपा […]

लखनऊ : अपने तल्ख बयानों के लिये अक्सर चर्चा में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रशासन की अनुमति के बगैर चुनावी रैली की. इजाजत नहीं मिलने पर आदित्‍यनाथ ने सपा सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्‍होंने इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण कदम करार दिया.

लखनऊ पूर्वी सीट से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष टंडन के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में आदित्यनाथ ने कहा प्रशासन ने सुबह से ही हम लोगों को परेशान कर रखा है. हमें ना ठाकुरद्वारा, ना मैनपुरी और ना ही निघासन में रैली करने दी. प्रशासन ने हमारी लखनउ की सभा की जो भी अनुमति दी थी, उसे अलोकतांत्रिक तरीके से वापस ले लिया.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे उपचुनावों का ना तो केंद्र और ना ही प्रदेश की सरकार की सेहत पर कोई असर होगा लेकिन अगर भाजपा उपचुनाव जीतती है तो प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरु हो जाएगी. गौरतलब है कि लखनऊ जिला प्रशासन ने आदित्यनाथ की रैली के लिये दी गयी इजाजत को निरस्त कर दिया था. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह कदम आयोजकों द्वारा रैली का कार्यक्रम रद्द करने की सूचना पर ही उठाया गया था.

आदित्यनाथ ने कहा दूसरे प्रदेशों में कहा जाता है कि जहां सडकें उखडी हो, जहां मां-बहनों की इज्जत सुरक्षित ना हो, जहां माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा हो, जहां कानून की धज्जियां मंत्री और विधायक उडा रहे हों, समझो वही उत्तर प्रदेश है. हमें इसे बदलने के लिये हमें खडा होना ही पड़ेगा.

भाजपा सांसद ने कहा मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं जो आज प्रदेश सरकार की अराजकता और तानाशाही का जवाब देने के लिये यहां एकत्र हुए हैं. प्रदेश में ढाई साल में 450 दंगों के लिये हम जिम्मेदार नहीं. यह साम्प्रदायिक एजेंडे के कारण है. इसके पूर्व, आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को मोबाइल फोन के जरिये सम्बोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दरअसल परिवारवादी पार्टी है. उसकी विभाजनकारी और विभेदकारी नीतियों की वजह से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास रसातल में पहुंच गया है.

आदित्यनाथ को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के साथ निघासन में चुनावी रैली को सम्बोधित करना था लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से ना पहुंच पाने की वजह से उनका भाषण मोबाइल फोन के जरिये सुनाया गया.

अपने संक्षिप्त भाषण में भाजपा सांसद ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सड़कों, बिजली आपूर्ति की खराब हालत तथा किसानों की बदहाली का जिक्र करते हुए उनके लिये सपा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो ने प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर कर दिया है.

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