फिरोजाबादः नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं. शुक्रवार को फिरोजाबाद में भी हिंसक प्रदर्शन हुआ. यहां एक कॉन्स्टेबल की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने नहीं बल्कि एक-दो के सिक्कों ने बचायी. फिरोजाबाद में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक बुलेट कुमार के बुलेटप्रूफ जैकेट के आर-पार चली गई और सिक्कों से भरे वॉलिट में जाकर फंस गयी. कॉन्स्टेबल को गोली लगने की जानकारी करीब 15 घंटे बाद वर्दी उतारने पर हो सकी. पर्स में गोली फंसी देख सिपाही दंग रह गया. शनिवार को उसने डीएम और एसएसपी को घटना की जानकारी दी.
विजेंदर ने वॉलिट जैकेट की ऊपर वाली जेब में रखा हुआ था जिससे उनकी जान बच गयी. अगर सिक्के नहीं होते तो गोली छाती में जा लगती. विजेंदर कुमार ने कहा कि यह मेरा दूसरा जीवन है और मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं. इस दौरान उनके साथी को पैर में गोली लग गई और वह अस्पताल में भर्ती हैं. उन्होंने कहा कि भारी पथराव और फायरिंग के बीच मुझे हिंसक भीड़ को रोकना था.
इसी दौरान एक गोली मेरे सीने की तरफ आयी. मेरी बुलेटप्रूफ जैकेट तो इससे नहीं बचा पाई लेकिन मेरे वॉलिट जिसमें मैंने भगवान शिव की तस्वीर और कुछ सिक्के रखे थे उसने बचा लिया. बता दें कि इस हिंसक प्रदर्शन में 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए जिसमें थानाध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल भी शामिल हैं.
गौरतलब है कि नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है. वहीं घायल पुलिसकर्मियों का आंकड़ा 263 पहुंच चुका है. इनमें 57 पुलिसकर्मी प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल हुए हैं.
