''ब्लैकमेलर'' हैं कल्बे जव्वाद:आजम खां

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमला तेज कर दिया है. आजम ने उन्‍हें ब्‍लैकमेलर करार दिया है. शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव स्थगित किये जाने के बाद दोनों के बीच टकराव जारी है. आजम खां ने कल्बे जव्वाद का नाम लिये बिना कहा कि […]

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर हमला तेज कर दिया है. आजम ने उन्‍हें ब्‍लैकमेलर करार दिया है. शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव स्थगित किये जाने के बाद दोनों के बीच टकराव जारी है.

आजम खां ने कल्बे जव्वाद का नाम लिये बिना कहा कि यह धर्मगुरु वक्फ चुनाव में मुकाबला करने की बजाय उन चौराहों पर हाजिरी दे रहे हैं, जिन्हें वह लोकसभा चुनाव के वक्त गालियां दे रहे थे. उल्लेखनीय है कि कल्बे जव्वाद ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी और आज प्रदेश सरकार ने शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव स्थगित करने का ऐलान किया.

आजम खां ने यहां जारी एक बयान में आरोप लगाया, एक धार्मिक मंच से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे का प्रचार करने वाला इस्लाम के नाम पर कलंक तो हो सकता है लेकिन धर्मगुरु नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में भाजपा सरकार को खुश करने के लिए रोजेदारों को लाठी गोली खाने के लिए उकसाने वाला, पूरे प्रदेश को अराजकता और आगजनी के हवाले कर देने वाला कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ एक ब्लैकमेलर ही हो सकता है.

शनिवार को भी एक प्रेस कांफ्रेंस कर आजम खां ने कहा था, ये तथाकथित मौलाना जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका उद्देश्य केंद्र की भाजपा सरकार को खुश करना है. ऐसे किसी शख्स को मौलवी कहने में शर्म आती है. आजम खां ने कहा, शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव से दहशतजदा यह धर्मगुरु चुनाव में मुकाबला करने की बजाय उन चौराहों पर हाजिरी दे रहा है जिन्हें चुनाव के वक्त गालियां दे रहे थे और चुनाव बाद सबक सिखाने की बात कर रहे थे. उन्होंने कल्बे जव्वाद पर यह आरोप भी लगाया कि वह वक्फ चुनाव से इसलिए भाग रहे हैं क्योंकि उनके पास अपनी ही शिया बिरादरी के एक चौथाई सदस्य उपलब्ध नहीं हैं.

उधर, कल्बे जव्वाद का आरोप है कि आजम खां महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे भ्रष्ट लोगों को लाना चाहते हैं जो वक्फ बोर्ड को लूटना चाहते हैं. मंत्री खां ने बहरहाल जव्वाद के आरोप को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि उनका या सपा का शिया वक्फ बोर्ड के चुनावों से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा है कि कुल मिलाकर 27 सदस्य बोर्ड में होते हैं. जिस व्यक्ति के पास 14 सदस्यों का समर्थन है, वह अध्यक्ष बनेगा. जिसके पास 14 सदस्यों का भी समर्थन नहीं है, वह धर्मगुरु कहलाने के लायक नहीं है.

खां ने वक्फ की संपत्तियों की सीबीआई जांच की भी मांग की है. उन्होंने कहा, सपा के सत्ता में आने के बाद मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था. इस संबंध में मैं फिर से उन्हें पत्र लिखूंगा. जव्वाद ने पलटवार करते हुए कल मांग की थी कि सपा नेता एवं मंत्री खां की संपत्तियों की सीबीआई जांच होनी चाहिए.

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