।।राजेन्द्र कुमार।।
लखनऊः लोकसभा चुनाव में औंधे मुंह गिरी समाजवादी पार्टी को सूबे के 12 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उप चुनावों से उम्मीदें जगी हैं. अपनी खोई प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए सपा के लिए यह चुनाव ही सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और इसी में पार्टी की असली परीक्षा भी होगी. यह जानते हुए सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रविवार को अखिलेश सरकार के सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की. करीब पांच घंटे तक चली समीक्षा बैठक में सपा प्रमुख ने अखिलेश सरकार के कई मंत्रियों की जमकर क्लास ली.
इस दौरान सभी मंत्रियों से मुलायम सिंह ने लोकसभा चुनावों में हुई हार की वजह को लेकर पूछतांछ की और उसके बाद उन्होंने मंत्रियों को पार्टी और सरकार की छवि निखारने के लिए टिप्स दिए और बाहर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों में पार्टी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा. कहा जा रहा कि अब जिस मंत्री के क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार की हार हुई उसे मंत्रीपद से हाथ धोना पड़ेगा.
सपा प्रमुख की इस समीक्षा बैठक को लेकर अखिलेश सरकार के तमाम मंत्रियों की बोलती बंद हो गई थी. तमाम मंत्रियों को लग रहा था कि मुलायम सिंह यादव लोकसभा चुनावों में पार्टी की हुई करारी पराजय की गाज उन पर गिराते हुए उन्हें मंत्री पद से हटाने का निर्णय बैठक में लेंगे, परन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ. सपा प्रमुख की बैठक खत्म होने के बाद अखिलेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खान ने बताया कि बैठक में लोकसभा चुनाव में हर कारणों पर चर्चा की गई है और विधानसभा की बाहर सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर आगे की रणनीति बनाई गई. आजम खान के अनुसार बैठक में मंत्रियो को उपचुनावों में किस तरह से सरकार की छवि सुधारने के लिए काम करना है, यह बताया गया और उन्हें कुछ अलग ढंग से काम करने का टारगेट दिया गया है ताकि चुनावों में जीत हासिल हो सके.
आज़म खान ने अखिलेश सरकार के मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को लेकर हो रही चर्चाओं पर पूरी तरह से खारिज कर दिया. आजम के मुताबिक बैठक में हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने और कई अन्य मंत्रियों ने इस्तीफा देने की पेशकश की जिसे नेताजी ने अनसुना कर दिया. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बदले तेवरों के बीच सरकार के कुछ मंत्रियों में भारी फेरबदल की उम्मीद जताई जा रही थी और शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मंत्री शिवपाल सिंह यादव के साथ हुई बैठक के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला था लेकिन आज़म ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. आजम खान के अनुसार आज की बैठक में सपा प्रमुख का जोर इस बात पर रहा कि चुनाव में करारी हार के बाद पब्लिक को सरकार और संगठन के बेहतर काम के जरिये ही संदेश दिया जाए. सभी मंत्री कुछ ऐसा काम करें जिससे पब्लिक में सकारात्मक संदेश जाए.
