IAS बन समाज की सेवा करना चाहते हैं 12वीं साइंस स्ट्रीम के टॉपर ‘अमित’

साइंस स्ट्रीम में गिरिडीह के अमित कुमार ने स्टेट टॉप किया है. उन्हें कुल 457 अंक मिले हैं.

रांची: झारखंड 12वीं बोर्ड की परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में गिरिडीह के अमित कुमार ने पूरे सूबे में पहला स्थान हासिल किया है. अमित सहित पूरा परिवार उनकी इस कामयाबी का जश्न मना रहा है. अमित भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहते हैं. हालांकि, इससे पहले अमित इंजीनियरिंग करना चाहते हैं. उनकी तैयारी और भविष्य की योजनाओं पर प्रभात खबर संवाददाता ने बातचीत की. पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश.

Q. अमित, आपको बहुत बधाई. आपने परीक्षा के लिये कैसी तैयारी की. क्या रणनीति बनाई?

अमित: जी शुक्रिया. टॉप करना ही ध्येय नहीं था. अच्छे अंक आयें इसके लिये खूब मेहनत की थी मैंने. मैंने 8 या 10 घंटे पढ़ाई नहीं की. बल्कि क्लास में रोज जो पढ़ाया जाता, उसे घर आकर अच्छे से रिवाइज किया. जो सब्जेक्ट थोड़े कठिन माने जाते हैं, उस पर अतिरिक्त वक्त दिया. बीते वर्षों के क्वेश्चन पेपर को देखा और अहम सवालों को रिवाइज किया. बीते वर्षों में अच्छे अंक हासिल करने वाले छात्रों की तैयारी को परखा. नियमित पढ़ाई की, जिसकी वजह से ये कामयाबी मिली. शिक्षकों से सलाह लेता रहा. परिणाम सबके सामने है.

Q. आप अपनी सफलता का श्रेय किन्हें देना चाहेंगे और क्यों?

अमित: देखिये, जब परिणाम आता है तो छात्र का नाम अखबार में छप जाता है. वाहवाही होती है. लेकिन मेरा मानना है कि यहां तक का सफर कई और लोगों ने भी साथ-साथ तय किया होता है. निसंदेह मैं अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने माता-पिता को देना चाहूंगा. जिन्होंने मेरा सहयोग किया. मुझे जिस भी चीज की जरूरत थी मुझे मुहैया करवाई.

शिक्षकों का भी मेरी सफलता में अहम योगदान रहा. उन्होंने मेरा खूब मार्गदर्शन किया. अभी कुछ दिनों पहले मेरी नानी गुजर गयीं. मैं उनके बहुत करीब था. मैं अपनी ये कामयाबी अपनी दिवंगत नानी को समर्पित करता हूं.

Q. आपकी भविष्य की क्या योजना है, जिंदगी में क्या बनना चाहते हैं?

अमित: आईआईटी की तैयारी करनी है. इंजीनियरिंग करना है. इसके बाद सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी करना चाहता हूं. मेरा सपना है कि मैं एक प्रशासनिक अधिकारी बनूं. मैंने नेतरहाट से भी स्कूलिंग की है. वहां के कई सारे सीनियर्स आईएएस हैं. उन्हें देख कर प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा मिली.

Q. यदि आप प्रशासनिक अधिकारी बनते हैं तो समाज के लिये क्या करना चाहेंगे?

अमित: मैंने अभाव देखा है. मैं भुक्तभोगी हूं. मुझे अहसास है कि संघर्ष और सफलता का क्या मोल है. मैं यदि प्रशासनिक अधिकारी बनता हूं तो जरूर उन लोगों के लिये काम करना चाहूंगा जो किसी अभाव की वजह से जिंदगी में पीछे रह जाते हैं. मैं शिक्षा के लिये बेहतर प्रयास करना चाहूंगा. सिस्टम में बदलाव करना चाहूंगा.

Q. आपको पढ़ाई के अलावा और क्या करना अच्छा लगता है?

अमित: मुझे लिखना पसंद है. मैं कविताएं और कहानियां लिखता हूं. मुझे साहित्य में रूचि है. मैंने नेतरहाट स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही तकरीबन 100 उपन्यास पढ़े होंगे. पसंदीदा लेखक की बात करूं तो किसी एक का नाम लेना बेमानी होगी. लेकिन मुझे अज्ञेय और धर्मवीर भारती काफी पंसद आये. इसके अलावा कई लेखक हैं जिनसे मैं प्रेरित हुआ.

Posted By- Suraj Kumar Thakur

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Published by: Surajkumar thakur

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