वसुंधरा राजे राजस्थान में होंगी सीएम पद की उम्मीदवार! पीएम मोदी की अजमेर रैली में राजे को मिला खास तवज्जों

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद वसुंधरा राजे हाशिए पर आ गई थीं. पार्टी पोस्टरों से लेकर कई सभा और बैठक में भी वो शामिल नहीं हुई. लेकिन, हाल के दिनों में खास कर कर्नाटक चुनाव के नतीजे के बाद राजस्थान की राजनीति में कद बढ़ता नजर आ रहा है.

Rajasthan News: इस साल के अंत में राजस्थान विधानसभा का चुनाव होने वाला है. प्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर बीजेपी अभी से ही जमीन तलाशनी शुरू कर दी है. पीएम मोदी ने बीते दिनों अजमेर में रैली कर यह साफ भी कर दिया कि इस बार चुनाव में बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. अब पार्टी के सामने सबसे बड़ी सवाल यह उठ रहा है कि राजस्थान में बीजेपी का सीएम चेहरा कौन होगा. अजमेर में पीएम मोदी की सभा से जो संकेतों सामने आ रहे हैं उससे सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि क्या एक बार फिर वसुंधरा राजे को सीएम पद का चेहरा बनाया जा सकता है.

अजमेर रैली में दिखे संकेत

अजमेर रैली में पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने से लेकर उनके बगल में बैठना और बातचीत करने से इतना तो साफ है कि बीजेपी में राजे को लेकर कोई बड़ा प्लान है. दरअसल कर्नाटक चुनाव में येदियुरप्पा के नहीं शामिल होने के बाद बीजेपी के पास ऐसा कोई स्थानीय बड़ा चेहरा नही था जिसे बीजेपी कांग्रेस के डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के खिलाफ इस्तेमाल कर सके. इसका खामियाजा बीजेपी को हार के रूप में चुकानी पड़ी.

राजस्थान में गलती नहीं दोहराएगी बीजेपी

राजस्थान में वसुंधरा राजे बीजेपी का बड़ा चेहरा हैं. बीजेपी सरकार में वो मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं. ऐसे में बीजेपी कर्नाटक वाली गलती नहीं दोहराना चाहती है. इस कारण भी पीएम मोदी की अजमेर रैली में वसुंधरा राजे को खास तवज्जो दी गई. गौरतलब है कि पिछले राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद राजे को एक्टिव राजनीति से किनारे कर दिया गया था. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज होने लगी थी कि पार्टी का व्यवहार राजे के प्रति रुखा चल रहा है.

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हाशिए पर आ गई थीं राजे
2018 विधानसभा चुनाव के बाद वसुंधरा राजे हाशिए पर आ गई थीं, पार्टी पोस्टरों से लेकर कई सभा और बैठक में भी वो नदारद ही रही. उनके न चाहते हुए भी पार्टी ने सतीश पूनिया को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया. हालांकि हाल के दिनों में खास कर कर्नाटक चुनाव के नतीजे के बाद एक बार फिर राजे का राजस्थान की राजनीति में कद बढ़ता नजर आ रहा है. पीएम मोदी की सभी में जिस तरह एक मंच पर पीएम मोदी के बगल में बैठने से लेकर उनके पोस्टर और बैनर में उनकी मौजूदगी से साफ है कि आने वाले चुनाव में बीजेपी उन्हें एक बार फिर सीएम चेहरा बनाकर पेश कर सकती है. 

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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