राजस्थानः राजेंद्र गुढ़ा करेंगे बड़ी रैली, कहा- जुटेंगे 50 हजार लोग, गहलोत सरकार की कलई खोलने का दावा

कांग्रेस सरकार से बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि अगले 5 से 7 दिनों में हम एक बड़ी रैली करेंगे, जिसमें लगभग 50000 लोग आएंगे. रैली के बाद हम तय करेंगे कि क्या करना है. उन्होंने कहा कि मैं लोगों के बीच जाऊंगा और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाऊंगा.

Rajasthan: राजस्थान में अपनी ही पार्टी की किरकिरी करने वाले सचिन पायलट की राह पर अब राजेंद्र गुढ़ा भी  चल पड़े हैं. उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ पूरी तरह से बगावत छेड़ दी है. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सीएम गहलोत ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है. विधानसभा सत्र में भी उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. अब एक बार फिर गुढ़ा कांग्रेस के कुरेदने में लगे हैं. दरअसल, गुढ़ा ने ऐलान किया है कि आने वाले सप्ताह में वो एक बड़ी रैली करने वाले हैं. उन्होंने दावा किया है कि रैली में बड़ी संख्या में लोगों का जुटान होगा.  

गुढ़ा करेंगे राजस्थान में बड़ी रैली
कांग्रेस सरकार से बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि अगले 5 से 7 दिनों में हम एक बड़ी रैली करेंगे, जिसमें लगभग 50000 लोग आएंगे. रैली के बाद हम तय करेंगे कि क्या करना है. उन्होंने कहा कि मैं लोगों के बीच जाऊंगा और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाऊंगा. पूरे मंत्रिपरिषद का नार्को टेस्ट होना चाहिए. आरोपी सरकार में बैठे हैं और उनकी वजह से राजस्थान महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और अत्याचार में नंबर 1 बन गया है. मुझे विधानसभा में बोलने के  अधिकार, राजस्थान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अन्य अत्याचार का विरोध करने पर बर्खास्त किया गया.

लाल डायरी पर गरमायी सियासत
अपनी ही सरकार पर अपने नेता की ओर से लगातार हो रहे कटाक्ष से कांग्रेस बौखला गई है. सिर्फ राजस्थान कांग्रेस ही नहीं, गुढ़ा के लाल डायरी की आंच से दिल्ली में भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है. बीजेपी नेता गुढ़ा के बहाने प्रदेश की गहलोत सरकार को घेरने में लगे हैं. राजेंद्र गुढ़ा की लाल डायरी के आरोपों को बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बनाते हुए दो केंद्रीय मंत्रियों से प्रेस कांफ्रेंस कराकर गहलोत सरकार को घेरा. केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस मामले में कहा कि राजस्थान की जनता लाल डायरी का राज जानना चाहती है.  शेखावत ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि गुढ़ा की लाल डायरी में प्रदेश के कई नेताओं के काले कारनामे बंद है और कई मंत्रियों के भ्रष्टाचार के तार दिल्ली में आलाकमान तक से जुड़े हुए हैं.

क्या है गुढ़ा की लाल डायरी का राज
राजेन्द्र सिंह गुढ़ा की लाल डायरी से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. बता दें, प्रदेश की गहलोत सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बाद तत्काल प्रभाव से गढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद से गुढ़ा के तेवर और बगावती हो गये. पूर्व मंत्री गुढ़ा ने दावा किया कि यह लाल डायरी उन्हें राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान मिली थी. गुढ़ा ने दावा किया कि कथित तौर पर राठौड़ की ओर से लिखी गई डायरी में विधायकों को दिए गए पैसे का विवरण है और अशोक गहलोत के साथ-साथ उनके बेटे वैभव गहलोत का भी जिक्र है.

गुढ़ा ने लगाया धक्का देकर गिराने और मारपीट का आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले गुढ़ा ने अपने ही पार्टी के नेताओं पर बदसलूकी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें सदन में घुसने से पहले तो रोका गया, इसके बाद लाल डायरी के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ. गुढ़ा ने इस डायरी को लेकर दावा कि है कि उनके पास अशोक गहलोत सरकार की वित्तीय अनियमितताओं का विवरण है. गुढ़ा का आरोप है कि इस डायरी को जब उन्होंने अध्यक्ष को सौंपना चाहा तो विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी, और उन्हें अपने कक्ष में मिलने को कहा. इस दौरान गुढ़ा के साथ उनकी जोरदार बहस भी हुई.

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इधर बढ़ते हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक रफीक खान ने गुढ़ा को एक तरफ किया. सत्ता पक्ष के कई मंत्री भी वहां पहुंच गए. गुढ़ा के साथ जोरदार बहस हुई. वहीं, गुढ़ा ने दावा किया है कि वो धारीवाल के पास केवल यह कहने गए थे कि वह एक बयान देना चाहते हैं. लेकिन कांग्रेस विधायकों ने मुझे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. उन्होंने कहा कि करीब 50 कांग्रेस नेताओं ने उसके साथ मारपीट की. उनकी डायरी के कुछ पन्ने भी उन्होंने अपने पास रख लिए. 

राजस्थान सरकार पर हमलावर गुढ़ा

इधर राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा मामले को लेकर बीजेपी लगातार प्रदेश की गहलोत सरकार पर हमलावर है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए उठने वाली हर आवाज को दबा रही है. यहीं नहीं सच बोलने के लिए कई अन्य कांग्रेस विधायकों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बारे में राज्य विधानसभा में बोलने के बाद राजेंद्र गुढ़ा को शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने का जिक्र करते हुए शेखावत ने जमकर राजस्थान सरकार पर भड़ास निकाली.

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Author: Pritish Sahay

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