यह राज्य विधायकों को विदेश यात्रा के लिए देगा एक लाख रुपये, लेकिन माननी होगी शर्त

अशोक गहलोत सरकार ने विदेश यात्रा के लिए भले ही अपने विधायकों को एक लाख रुपये का ऑफर दिया है. लेकिन उसे लेने के लिए विधायकों को बड़ी शर्त माननी होगी. शर्त के अनुसार सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष से इसके लिए मंजूरी लेनी होगी.

भारत में राजनेताओं को अन्य पेशे की तुलना में सबसे अधिक सुविधायें और विभिन्न तरह के लाभ मिलते हैं. उन्हें पेंशन से लेकर कई तरह के भत्ते मिलते हैं. लेकिन राजस्थान से जो खबर आ रही है, उसे जानकर आप भी दंग रह जायेंगे. दरअसल राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने अपने विधायकों और पूर्व विधायकों को विदेश यात्रा के लिए एक लाख रुपये देने का फैसला किया है.

विदेश यात्रा का लाभ लेने के लिए विधायकों को माननी होगी बड़ी शर्त

अशोक गहलोत सरकार ने विदेश यात्रा के लिए भले ही अपने विधायकों को एक लाख रुपये का ऑफर दिया है. लेकिन उसे लेने के लिए विधायकों को बड़ी शर्त माननी होगी. शर्त के अनुसार सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष से इसके लिए मंजूरी लेनी होगी.

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इतनी है राजस्थान के विधायकों की सैलरी

लाइव मिंट की खबर के अनुसार राजस्थान के विधायकों मासिक वेतन और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता करीब 1,10,000 है. अगर सभी प्रकार के भत्तों को मिला दिया जाए तो राजस्थान के विधायकों की महीने में 2,37,500 रुपये मिलता है. राजस्थान सरकार ने 2019 में विधायकों का वेतन और निर्वाचन क्षेत्र भत्ता को बढ़ाया था. जिसमें वेतन बढ़ाकर 40 हजार और भत्ता 50 से बढ़ाकर 70 हजार किया गया.

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विदेश यात्रा के लिए एक लाख रुपये देने के फैसले को कैबिनेट की मंजूरी

बताया जा रहा है कि विधायकों के विदेश यात्रा के लिए दिये जाने वाले एक लाख रुपये को गहलोत कैबिनेट ने सर्कुलेशन के जरिए अपनी मंजूरी दे दी है. अब संभावना है कि 19 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में संशोधन को मंजूरी मिल जाएगी.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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