Rajasthan: चिंतन शिविर का समापन, नवाचार, महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर

Rajasthan: चिंतन शिविर के दौरान मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई. इस कार्यक्रम ने इन मिशनों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नवीन विचारों के आदान-प्रदान, साझा अनुभवों, नीति सुधारों के अवसरों और राज्यों में सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों के प्रसार के लिए एक मंच प्रदान किया.

Rajasthan: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 10 से 12 जनवरी 2025 के दौरान राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया. इस कार्यक्रम में 32 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए, जिनमें महिला एवं बाल विकास विभागों के 16 राज्य मंत्री शामिल थे, जिन्होंने महिलाओं और बच्चों के कल्याण और विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. शिविर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे. उन्होंने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ चिंतन शिविर का उद्घाटन किया. अन्य गणमान्य व्यक्तियों में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दीया कुमारी, ओडिशा की उप मुख्यमंत्री प्रभाती परीडा और विभिन्न राज्यों के कई अन्य प्रतिष्ठित मंत्री शामिल थे.

चिंतन शिविर के दौरान मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई. इस कार्यक्रम ने इन मिशनों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नवीन विचारों के आदान-प्रदान, साझा अनुभवों, नीति सुधारों के अवसरों और राज्यों में सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों के प्रसार के लिए एक मंच प्रदान किया. दिलचस्प सत्र महिलाओं की सुरक्षा, बाल पोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित थे. राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को जानकारी प्राप्त करने के लिए साझा किया गया, जिसका उद्देश्य देश भर में महिलाओं और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाना है.

राज्यों को सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान के बारे में बताया गया, जिसका उद्देश्य पूरे देश में लक्षित आबादी के पोषण संबंधी परिणामों और कल्याण में सुधार करना है. राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों के विकास को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया. चर्चाओं में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा, आंगनबाड़ी प्रणाली को मजबूत करना, महिला सशक्तिकरण केन्द्र, “बाल विवाह मुक्त भारत”, शी-बॉक्स, गोद लेने और बच्चों के लिए गैर-संस्थागत देखभाल जैसे घटकों पर जोर दिया गया. गोद लेने की व्यवस्था को सरल बनाने और सभी मिशनों के लिए ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग के प्रयासों पर डेटा संग्रह, विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरणों के रूप में उत्साहपूर्वक चर्चा की गई.

कार्यक्रम में जोश और उत्साह को और बढ़ाते हुए, भारत की समृद्ध विरासत और विविधता का जश्न मनाने के लिए एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पारंपरिक राजस्थानी लोक नृत्य, संगीत प्रदर्शन और नाट्य प्रस्तुतियाँ शामिल थीं, जिससे प्रतिभागियों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बना. केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब हम कुपोषण को मिटाने और बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होते हैं, तो हमारी कल्पना महिलाओं के नेतृत्व में विकास के माध्यम से स्थायी विकास से आगे विकसित भारत तक पहुंचती है.

भारत की जी-20 की अध्यक्षता के अंतर्गत, हमने महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों की सुरक्षा करने वाली नीतियों की नींव रखी- एक ऐसा दृष्टिकोण जिसे अब ब्राजील ने जी-20 की अध्यक्षता करते हुए अपनाया है. चिंतन शिविर एक महत्वपूर्ण क्षण है, जिसमें 32 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि महिलाओं और बच्चों के कल्याण में चुनौतियों और अवसरों का समाधान करने के लिए एक साथ आए हैं. साझा की गई सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और अभिनव विचार मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के प्रभावी कार्यान्वयन का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे सभी की समावेशी प्रगति होगी.

चिंतन शिविर आज (12 जनवरी, 2025) संपन्न हुआ. चिंतन शिविर 2025 के समापन भाषण के रूप में, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न राज्यों द्वारा साझा की गई प्रेरणादायक सर्वोत्तम कार्य प्रणालियां इस बात को उजागर करती हैं कि कैसे उनकी सफलता अन्य जिलों का मार्गदर्शन कर सकती हैं. आंगनवाड़ी सेवाओं में सुधार, महिलाओं की कार्यबल भागीदारी को बढ़ावा देने और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने में प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति को देखना उत्साहवर्धक है. जैसे-जैसे हम एकीकृत बाल विकास सेवाओं की 50वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बच्चा पिछड़ने न पाए. प्रभावी पूरक पोषण कार्यक्रमों को लागू करके, हम कुपोषण मुक्त भारत और उज्जवल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं.

राज्य के मंत्रियों ने चिंतन शिविर 2025 की मेजबानी करने और बातचीत को समृद्ध करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए राजस्थान सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया.चिंतन शिविर में महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों के पोषण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया गया तथा आने वाले वर्षों में विकसित भारत की मजबूत आधारशिला रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया.

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Author: Pritish Sahay

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