क्षत्रिय कोई जाति नहीं, एक धर्म है, एक संस्कार और एक विचारधारा है: वसुंधरा राजे

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की कार्यकारिणी बैठक में कहा कि जब समाज पर विपदा आती है तो क्षत्रिय आगे आते हैं. हमारे हाथ उठें तो अपने लिए नहीं देश की सेवा के लिए.'' उन्होंने कहा कि क्षत्रियों ने देश को शुरुआती दिनों में बुनियादी ढांचा दिया.

Rajasthan News: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा कि क्षत्रिय कोई जाति नहीं बल्कि एक धर्म है, एक संस्कार और एक विचारधारा है, जिसका भाव है मानवता. उन्होंने कहा कि आज़ादी से पूर्व जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था, ऐसे में क्षत्रियों ने सर्व समाज की रक्षा के लिए ‘राम दल’ का गठन किया, जो आज की अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा है. उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत ने समाज को नयी दिशा देने का काम किया.

मैंने उनके सपनों को साकार करने का प्रयास किया और प्रदेश को बीमारू से विकसित बनाने का प्रयास किया.” राजे अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की कार्यकारिणी बैठक में बोल रही थी. उन्होंने कहा, ‘‘जब समाज पर विपदा आती है तो क्षत्रिय आगे आते हैं. हमारे हाथ उठें तो अपने लिए नहीं देश की सेवा के लिए.” उन्होंने कहा कि क्षत्रियों ने देश को शुरुआती दिनों में बुनियादी ढांचा दिया.

रोज़गार दिया और 1930 के दशक में अकाल के दौरान जोधपुर महाराजा ने लोगों को रोज़गार देने के लिए उम्मेद भवन पैलेस का निर्माण शुरू करवाया. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘समाज को महिला शिक्षा पर ध्यान देते हुए, बेटियों को पढ़ाना होगा.

समाज कोई सा भी हो उसमें फूट और आपस में प्रतिशोध की भावना से उसकी तरक्की रुकती है. ऐसी बुराई से दूर रहना होगा. युवाओं को संस्कारवान बनाना होगा. इतिहास के पन्नों में फिर से महत्वपूर्ण स्थान बनाने की ज़रूरत है.”

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