Covid19 Outbreak: जयपुर के सबसे पॉश इलाके मानसरोवर में भी कर्फ्यू, भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू

curfew imposed in mansarovar the most posh area of jaipur जयपुर : कोरोना वायरस का मामला सामने आने के बाद जयपुर के मानसरोवर के एक इलाके में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस थाना शिप्रापथ क्षेत्र में मध्यम मार्ग पर मानसरोवर प्लाजा से शारदा मेडिकल स्टोर तक और तिलक मार्ग कट से पटेल मार्ग चैराहा होते हुए एएसआई गली तक के इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है. इस बीच, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गये हैं.

जयपुर : कोरोना वायरस का मामला सामने आने के बाद जयपुर के मानसरोवर के एक इलाके में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस थाना शिप्रापथ क्षेत्र में मध्यम मार्ग पर मानसरोवर प्लाजा से शारदा मेडिकल स्टोर तक और तिलक मार्ग कट से पटेल मार्ग चैराहा होते हुए एएसआई गली तक के इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है. इस बीच, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गये हैं.

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उल्लेखनीय है कि मानसरोवर जयपुर के सबसे पॉश इलाकों में से एक जाना जाता है. मध्यम मार्ग इस इलाके का प्रमुख मार्ग है. जयपुर शहर में परकोटा क्षेत्र, भट्टा बस्ती, शास्त्रीनगर, आदर्श नगर, लालकोठी, खो-नागोरियान, आदर्श नगर, विधायकपुरी, चित्रकूट, मोतीडूंगरी, ट्रांसपोर्ट नगर में पहले से ही वायरस संक्रमण के कारण कर्फ्यू लगा हुआ है.

उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति के कारण राज्य में हालात बिगड़ रहे हैं. वोट बैंक के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रभावित इलाकों में सख्ती नहीं दिखा पा रहे हैं.

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श्री पूनिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है और एक समुदाय विशेष के प्रति प्रेम के चलते वो संक्रमित इलाकों में कर्फ्यू और लॉकडाउन का पालन नहीं करवा पा रही है. उन्होंने कहा कि इन इलाकों से निकलकर लोग दूसरे जिलों में जाकर संक्रमण फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यही कारण है की 20 दिन पहले तक प्रदेश के केवल चार जिलों में संक्रमित लोग थे और लॉकडाउन के बावजूद 25 जिलों तक संक्रमण पहुंच गया है. श्री पूनिया ने कहा कि कुछ लोगों की वजह से लाखों लोगों के जीवन को संकट में नहीं डाला जा सकता.

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उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार वोट बैंक खिसकने के डर से सख्ती नहीं कर पा रही है, तो समुदाय विशेष के प्रभाव वाले इलाकों को बीएसएफ और सीआरपीएफ के हवाले कर दिया जाये. श्री पूनिया ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष के अपने धर्म को निभाते हुए लॉकडाउन की शुरुआत से ही सामुदायिक रसोई के माध्यम से पूरे प्रदेश में अब तक 60 लाख 73 हजार भोजन के पैकेट और 22 लाख 33 हजार खाद्य सामग्री पैकेट अपने एक लाख 49 हजार कार्यकर्ताओं के माध्यम से बांटे हैं.

इधर, राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को लेकर बयानबाजी करने के लिए भाजपा के नेताओं की आलोचना की. श्री शर्मा ने विशेष रूप से उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ पर निशाना साधा और कहा कि वे अपने बयानों से इस अभियान में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल तोड़ रहे हैं.

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श्री शर्मा ने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में भाजपा नेताओं ने राज्य में कोरोना वायरस के मामलों व व्यवस्थाओं को लेकर जिस तरह बयानों की झड़ी लगायी है और जिस तरह से तुष्टीकरण की राजनीति की उनके बयानों से बू आ रही है, उसका मुझे बेहद अफसोस है.’ श्री शर्मा ने कहा कि राजनीतिक स्तर पर हमलोग उम्मीद नहीं करते कि आप इस तरह की बयानबाजी पर उतर आयेंगे.

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 की इस वैश्विक महामारी का राज्य सरकारें तथा केंद्र सरकार मिलकर मुकाबला कर रही हैं. किसी राज्य में कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं हो रही. प्रधानमंत्री व भारत सरकार जो दिशा-निर्देश जारी करती है, उसका अक्षरश: राज्य सरकारें पालन कर रही हैं. हम विचारधाराएं अलग होते हुए भी इस महामारी से एकजुटता से लड़ रहे हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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