Coronavirus Lockdown : पैदल चल रहे श्रमिकों को उत्तर प्रदेश सीमा तक छोड़ने के लिए राजस्थान रोडवेज ने भेजी 110 बसें

coronavirus lockdown : buses of rajasthan roadways carrying laborers of uttar pradesh upto up border जयपुर : राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (Rajasthan State Road Transport Corporation) ने रविवार को जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (Jaipur-Agra National Highway) पर पैदल चल रहे श्रमिकों (Migrant Laborers) को उनके गंतव्य या उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की सीमा तक छोड़ने की नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था की. रोडवेज प्रशासन के अनुसार, रविवार दोपहर तक 62 बसें उत्तर प्रदेश सीमा तक श्रमिकों को पहुंचा चुकी थी. इसके बाद 110 बसें रवाना की गयीं. इसके साथ ही निजी बसें चलाने का भी निर्णय किया गया है.

जयपुर : राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (Rajasthan State Road Transport Corporation) ने रविवार को जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (Jaipur-Agra National Highway) पर पैदल चल रहे श्रमिकों (Migrant Laborers) को उनके गंतव्य या उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की सीमा तक छोड़ने की नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था की. रोडवेज प्रशासन के अनुसार, रविवार दोपहर तक 62 बसें उत्तर प्रदेश सीमा तक श्रमिकों को पहुंचा चुकी थी. इसके बाद 110 बसें रवाना की गयीं. इसके साथ ही निजी बसें चलाने का भी निर्णय किया गया है.

रोडवेज के प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने बताया कि जयपुर से आगरा रोड पर बड़ी संख्या में श्रमिक यूपी सीमा की ओर पैदल ही चल रहे हैं. ऐसे में रविवार को जिला कलेक्टर डॉ जोगाराम, परिवहन विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव रवि जैन एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजयपाल सिंह लाम्बा की बैठक में उन्हें जल्द उत्तर प्रदेश सीमा में उनके गंतव्य तक पहुंचाने का निर्णय किया गया.

श्री जैन ने बताया कि ये बसें आम नागरिकों के लिए नहीं है, यें केवल उन प्रवासी श्रमिकों के लिए हैं, जो सड़क पर चल रहे हैं. उन्होंने बताया कि रविवार से निजी बसों को भी चलाया जा रहा है, लेकिन ये बसें भी केवल आगरा रोड पर चल रहे केवल प्रवासी श्रमिकों को ही उनके गंतव्य तक पहुंचायेगी. श्री जैन ने आमजनों एवं विद्यर्थियों को सलाह दी कि वे लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करें और इन बसों में यात्रा की कोशिश न करें.

इस बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने पलायन कर रहे लोगों से अपील की, ‘आप सभी लोग मेरे अनुरोध को सुनें, उस पर मनन करें. जहां हैं, वहीं रुके. आपकी आवास व भोजन की व्यवस्था हमारे प्रशासन की जिम्मेदारी है. प्रशासन इस कार्य को बड़ी ही शालीनता से कर रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने मीडिया में एक साथ बहुत से लोगों को ट्रक में और पैदल जाते हुए देखा. यह देख मुझे दुख हुआ. मैं व्यथित हो गया हूं और चिंता भी हो रही है. आपलोग इस परिस्थिति को समझें. हमें कोरोना से डरना नहीं है, उससे लड़ना है. उसे पीठ दिखाकर भागना नहीं है. उसका सामना करना है. इसलिए आपलोग हिम्मत रखें. राज्य सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी है.’

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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