बीएसएफ जवान ने सब-इंस्पेक्टर की हत्या की, फिर खुद को भी मारी गोली

राजस्थान में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के एक शिविर में एक जवान ने अपने वरिष्ठ सहकर्मी एक सब-इंस्पेक्टर की कथित तौर पर हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली.

राजस्थान में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के एक शिविर में एक जवान ने अपने वरिष्ठ सहकर्मी एक सब-इंस्पेक्टर की कथित तौर पर हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली.

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में ‘रेणुका’ सीमा चौकी पर सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई जहां बल की 125वीं बटालियन की एक यूनिट तैनात है. बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल शिवचंद्र राम ने उपनिरीक्षक आर पी सिंह की गोली मारकर कथित तौर पर हत्या कर दी और बाद में सर्विस हथियार का प्रयोग कर आत्महत्या कर ली.

उन्होंने बताया कि अपने ही साथी की हत्या करने के इस मामले के कारणों का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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