महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को कमजोर कर रही कांग्रेस, डोटासरा के बयान पर भड़की बीजेपी, बताया अपमान

राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वासुदेव देवनानी ने महाराणा प्रताप पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों के लिए उनकी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस नेता का बयान प्रताप का अपमान है

राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा महाराणा प्रताप पर बयान देकर विवादों में आ गये हैं. वहीं, राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वासुदेव देवनानी ने महाराणा प्रताप पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों के लिए उनकी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस नेता का बयान प्रताप का अपमान है जिन्होंने मातृभूमि के गौरव की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहुति दी थी.

डोटासरा ने क्या दिया था बयान: बता दें, डोटासरा ने गुरूवार को कहा था ‘महाराणा प्रताप-अकबर की लड़ाई सत्ता संघर्ष के लिए थी और भाजपा ने इसे धार्मिक रंग दे दिया है.’ इसको लेकर बीजेपी विधायक देवनानी ने कहा ‘महात्मा गांधी ने लंदन में गोलमेज सम्मेलन में प्रताप की बहादुरी की प्रशंसा की थी. यहां तक कि वियतनाम ने भी हल्दीघाटी युद्ध से प्ररेणा लेने की बात कही. राज्य सरकार बनने के बाद महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को कमजोर करने की लगातार साजिश हो रही है.’

उन्होंने ट्वीट में कहा कि मातृभूमि के गौरव एवं स्वाधीनता के लिये सम्पूर्ण जीवन युद्ध करके और अनेकों कठिनाइयों का सामना करके भी महाराणा प्रताप ने मेवाड़ के स्वाभिमान को गिरने नहीं दिया . उन्होंने कहा ‘‘ऐसे महावीर एवं बलिदानी के स्वाधीनता के संघर्ष को सत्ता का संघर्ष कहना कुंठित मानसिकता का परिचायक है.” देवनानी ने कहा ‘‘प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मुस्लिम वोटबैंक की ख़ातिर लगातार महाराणा प्रताप के शौर्य एवं बलिदान का अपमान कर रहे हैं.

तुष्टिकरण के चक्कर में इन्होंने मातृभूमि के गौरव के संघर्ष को सत्ता का संघर्ष कहकर महाराणा के स्वर्णिम इतिहास को कलंकित करने का प्रयास किया है.” गौरतलब है कि नागौर में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा था कि महाराणा प्रताप और अकबर की लड़ाई सत्ता संघर्ष के लिये थी, भाजपा ने इसे धार्मिक रंग दे दिया है. उन्होंने बैठक में कहा था कि ‘‘भाजपा हर चीज को हिन्दू मुस्लिम के धार्मिक चश्मे से देखती है.” महाराणा प्रताप राजस्थान में मेवाड के राजपूत शासक थे. उन्होंने 1576 में आमेर के मानसिंह प्रथम के नेतृत्व में मुगल सम्राट अकबर की सेना के साथ हल्दीघाटी की लड़ाई लड़ी थी.

Posted by: Pritish Sahay

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