Lok Sabha Election 2024: अजमेर में बीजेपी-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर, देखें लोकसभा सीट का इतिहास

अजमेर एक ऐतिहासिक जगह है. इस शहर को सातवीं शताब्दी में अजयराज सिंह, जो एक चौहान राजा थे, उन्होंने बसाया था. आरंभ में इसका नाम अजयमेरु था. यहां मुगलों ने भी राज किया. अजमेर मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के लिए भी फेमस है.

राजस्थान की अजमेर लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच हमेशा से कांटे की टक्कर रही है. दोनों पार्टियों का यहां एक बराबर बर्चस्व रहा है. आजादी के बाद बीजेपी के उदय के पहले इस सीट पर कांग्रेस का एकछत्र राज हुआ करता था. 1977 में कांग्रेस को इस सीट पर पहली बार हार का स्वाद चखना पड़ा था. जनता पार्टी के श्रीकरण शारदा ने कांग्रेस को इस सीट पर पहली बार हराया. बीजेपी इस सीट पर पहली बार 1991 में जीती. रासा सिंह रावत लगातार दो टर्म यहां से सांसद चुने गए. आखिरी दो लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहा है. मोदी लहर में सवार बीजेपी ने यहां 2014 और 2019 में जीत दर्ज की. हालांकि 2018 के उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत हुई थी, लेकिन रघु शर्मा ने तुरंत ही लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

अजमेर का इतिहास

अजमेर एक ऐतिहासिक जगह है. इस शहर को सातवीं शताब्दी में अजयराज सिंह, जो एक चौहान राजा थे, उन्होंने बसाया था. आरंभ में इसका नाम अजयमेरु था. यहां मुगलों ने भी राज किया. अजमेर मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह के लिए भी फेमस है. 2011 के सर्वे के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 26,36,370 है. यहां की साक्षरता दर 59.83 प्रतिशत है.

अजमेर लोकसभा क्षेत्र में जाति के आधार पर जनसंख्या

जाति जनसंख्या %
बौद्ध 0.02%
ईसाई 0.10%
गुज्जर 12.50%
जैन 1.71%
जाट 13.13%
मुसलमान 8.80%
राजपूत 6.25%
रावत 9.38%
अनुसूचित जाति 19.50%
अनुसूचित जनजाति 3%
सिख 0.27%
वैश्य 9.07%

2019 के अनुसार अजमेर संसदीय सीट में कुल मतदाता- 1862158

शहरी मतदाता- 627547

ग्रामीण मतदाता- 1234611

एससी मतदाता- 363121

एसटी मतदाता- 55865

मुस्लिम मतदाता- 163159

Also Read: Rajasthan CM Oath Ceremony: राजस्थान में नए ‘कप्तान’ भजनलाल, दीया कुमारी-प्रेमचंद बैरवा बने डिप्टी सीएम

अजमेर से विजयी उम्मीदवार

  • 1952 – कांग्रेस, ज्वाला प्रसाद शर्मा, मुक्तबिहारी लाल भार्गव

  • 1957 और 1962 – कांग्रेस, मुकट बिहारी लाल भार्गव

  • 1967 और 1971- कांग्रेस, बी एन भार्गव

  • 1977 – जनता दल, श्रीकरण शारदा

  • 1980 – कांग्रेस, भगवान देव आचार्य

  • 1984 – कांग्रेस, विष्णु कुमार मोदी

  • 1989, 1991 और 1996- बीजेपी, रासा सिंह रावत

  • 1998- कांग्रेस, प्रभा ठाकुर

  • 1999 और 2004 – बीजेपी, रासा सिंह रावत

  • 2009- कांग्रेस, सचिन पायलट

  • 2014- बीजेपी, सांवर लाल जाट

  • 2018 उपचुनाव- कांग्रेस, रघु शर्मा

  • 2019- बीजेपी, भागीरथ चौधरी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >