राउरकेला: मार्क्सवादी नेता, वक्ता, प्रवीण सांसद और माकपा के पूर्व महासचिव कॉमरेड सीताराम येचुरी का दूसरा स्मृति समाराेह गुरुवार को सीताराम येचुरी मेमोरियल कमेटी की तरफ से स्थानीय सिविक सेंटर में आयोजित हुआ. इस मौके पर ‘दोराहे पर युवा समाज : शिक्षा, रोजगार और गणतंत्र’ शीर्षक पर एक विचार संगोष्ठी हुई. इसमें मुख्य वक्ता स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) के अखिल भारतीय महासचिव सृजन भट्टाचार्य थे.
युवा व छात्र समाज के पसंदीदा चेहरे के तौर पर जाने जाते थे येचुरी
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि छात्र जीवन से लेकर आखिरी समय तक मार्क्सवादी विचारक रहे सीताराम येचुरी ने पूरे देश में एक बिना किसी समझौते वाले नेता के तौर पर अपनी एक खास पहचान बनायी. वे हमेशा युवा व छात्र समाज के पसंदीदा चेहरे के तौर पर जाने जाते थे. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, युवा व छात्रों को देश की राजनीति को बदलने में अहम भूमिका निभाने की जरूरत है और यह देश के युवा छात्र समुदाय के जरिये मुमकिन है. हाल के जेन-जी आंदोलन ने इसे मुमकिन बनाया है. इस संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉमरेड सीताराम येचुरी मेमोरियल कमेटी के महासचिव प्रमोद कुमार सामल ने की. उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी का योगदान सिर्फ उनकी पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश की धर्मनिरपेक्ष और गणतांत्रिक ताकतों को मजबूत करने में भी था. उन्होंने सुंदरगढ़ जिले के अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने के लिए बधाई दी.
सीताराम येचुरी की साधना और त्याग को किया गया याद
राउरकेला विधायक शारदा प्रसाद नायक, माकपा के प्रदेश सचिव सुरेश पाणिग्राही, राज्य सचिव मंडली सदस्य अली किशोर पटनायक जैसे प्रखर वक्ताओं ने कॉमरेड सीताराम येचुरी की पूरी जिंदगी की साधना और त्याग के बारे में बताया और कहा कि उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि संप्रदायवाद व हिंदुत्ववादी ताकतें देश के लिए खतरनाक हैं. माकपा के जिला सचिव मंडली सदस्य, कमेटी के चेयरमैन और बणई विधायक लक्ष्मण मुंडा ने स्वागत भाषण दिया. वहीं कमेटी के कोषाध्यक्ष जहांगीर अली ने धन्यवाद दिया. इस अवसर पर अतिथियों ने एक स्मारिका का विमोचन भी किया. इस कार्यक्रम का संचालन करने में मेमोरियल कमेटी के उपाध्यक्ष विमान मैती, श्रीमंत बेहेरा, सुरेंद्र दाश, राज किशोर प्रधान, प्रभात पंडा और कमेटी मेंबर्स बीपी महापात्रा, बसंत नायक, अनिरुद्ध त्रिपाठी, आनंद मासी होरो, हृदयानंद यादव, गाैरीशंकर पात्रा, सुशीला मुंडा, ताजमुन नेहर, मनोज मिर्धा, समीर नायक, लाल बहादुर महांत, बादल बारिक ने सक्रिय भूमिका निभायी.
