Rourkela news: कुआरमुंडा में आरएसपी के स्वास्थ्य शिविर से 250 ग्रामीण लाभान्वित

Rourkela news: आरएसपी ने कुआरमुंडा प्रखंड के कचारू गांव में बहु-विषयक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया. इसमें 250 लोगों की जांच हुई.

Rourkela news: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) की ओर से 15 नवंबर को कुआरमुंडा प्रखंड के कचारू गांव स्थित रताखंडी राजकीय उच्च विद्यालय में एक बहु-विषयक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. यह शिविर निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) विभाग की ओर से आरएसपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (एमएंडएचएस) विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया.

इस्पात जनरल अस्पताल में इलाज के लिए पांच मरीजों की हुई पहचान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) डॉ जयंत कुमार आचार्य, महाप्रबंधक प्रभारी (सीएसआर) मुनमुन मित्रा, महाप्रबंधक (सीएसआर) बी मल्लिक, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) आरएस बाड़ा, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) टीबी टोप्पो, सहायक महाप्रबंधक (सीएसआर) बी जेना, उप प्रबंधक (सीएसआर) एसके सुकुला और आरएसपी के अन्य अधिकारियों ने शिविर का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की. मरीजों की जांच करने वाली आरएसपी के डॉक्टरों की टीम में डॉ सोनिया जोशी (नेत्र रोग), डॉ गौतम दास (इएनटी), डॉ मनोज कुमार प्रधान (शल्य चिकित्सा) डॉ मनभंजन मुंड (बाल रोग), डॉ दिव्या (ओएंडजी), डॉ लीजा देव (दंत चिकित्सा) और डॉ नीलकंठ साहू (चिकित्सा) शामिल थे. उन्हें मौसमी किशन, भाग्यश्री, सस्मिता ओराम, कुमारी पूर्णिमा ठाकुर और सीएसआर समन्वयक बीके महापात्र द्वारा आवश्यक सहायता प्रदान की गयी. शिविर में 261 मरीजों की जांच की गयी और उन्हें मुफ्त दवाइयां और परामर्श प्रदान किये गये. इसके अलावा, विभिन्न सीएसआर योजनाओं के तहत इस्पात जनरल अस्पताल में आगे के इलाज के लिए पांच मरीजों की पहचान भी की गयी. उल्लेखनीय है कि, आरएसपी द्वारा पार्श्वांचल गांवों में आयोजित किए जा रहे चिकित्सा शिविर न केवल दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों तक पहुंचते हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आइजीएच में मुफ्त इलाज के लिए महंगी शल्यचिकित्सा भी प्रदान करते हैं.

आरएसपी सिंटर प्लांट-2 में अभिनव समाधान से सिंटर की गुणवत्ता और उत्पादकता में वृद्धि

राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के सिंटर प्लांट-2 की उद्यमी टीम ने सिंटर की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक अभिनव समाधान लागू किया है. टीम ने प्रेषण श्रृंखला के च्यूट में विशेष अग्रेस्सन लाइनर सफलतापूर्वक स्थापित किये, जिसके परिणामस्वरूप ब्लास्ट फर्नेस-1 को आपूर्ति किये जाने वाले सिंटर की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ. मौजूदा प्रणाली में, सिंटर एक कन्वेयर से दूसरे कन्वेयर में जाते समय लगातार सात ऊर्ध्वाधर गिरावटों से गुजरता है. इन बार-बार होने वाले प्रभावों से पहले सिंटर का काफी क्षरण होता था, जिससे फाइन्स का उत्पादन बढ़ जाता था और ब्लास्ट फर्नेस में चार्ज की जाने वाली सामग्री की प्रभावशीलता कम हो जाती थी. इस चुनौती का समाधान करने के लिए संयंत्र ने नये उच्च-प्रभाव, घर्षण-प्रतिरोधी लाइनर पेश किये हैं. इनकी स्थापना के साथ, सिंटर क्षरण में उल्लेखनीय कमी आयी है. इस पहल ने फाइन्स के उत्पादन को कम करने और संवहन के दौरान सिंटर के आकार को बेहतर बनाए रखने में योगदान दिया है. नये लाइनर्स ने च्यूट्स में प्रवाह के गुणों को सुधारकर रखरखाव की आवश्यकता कम करते हुए परिचालन विश्वसनीयता को भी बढ़ाया है. यह पहल सिंटर हैंडलिंग प्रणाली को मजबूत बनाने और समग्र संयंत्र प्रदर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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