Drinking Water Crisis: ओडिशा के अनुगूल जिले में हालिया बाढ़ ने मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचाया है. कनिहां हाटपाड़िया के पास टिकिरा नदी पर बना लोहे का पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गया, जिससे पुल पर बिछाई गई पानी की पाइपलाइन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. इसके कारण आसपास के करीब सात गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है. कई दिनों से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.
सात गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप
जानकारी के अनुसार इस पाइपलाइन के माध्यम से पट्टाखमन, बनिशिंग सिंत्या, चिंता मणिपुर, गुली बहाल समेत सात गांवों में नियमित रूप से पेयजल की आपूर्ति होती थी. पुल और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी के दूसरी ओर बसे गांवों तक पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट के कारण उन्हें दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है. इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
बाढ़ में बह गया पुल का तीन स्पैन
स्थानीय लोगों के अनुसार हाल ही में आई बाढ़ के दौरान टिकिरा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था. तेज बहाव के कारण मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट के लोहे के पुल के तीन स्पैन बह गए. इसके साथ ही पुल पर लगी पानी की पाइपलाइन भी टूट गई. इससे पूरे इलाके की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल और पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है.
घटिया निर्माण का लगाया आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि पुल और पाइपलाइन का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था, जिसकी वजह से बाढ़ का दबाव सहन नहीं हो सका. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त पुल और पाइपलाइन की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए.
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इस कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने प्रभावित गांवों में तत्काल वैकल्पिक पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था करने की भी मांग की है.
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बीडीओ बोले, जल्द होगी व्यवस्था
मामले में आरडब्ल्यूएसएस के कनिहा ब्लॉक के जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. वहीं, कनिहा के बीडीओ त्रिविक्रम कुमरा ने कहा कि टूटे हुए पुल के पुनर्निर्माण के लिए आरडब्ल्यूएसएस को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं. साथ ही प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहा है.
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