Rourkela News : जगत के नाथ महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा (गुंडिचा यात्रा) 16 जुलाई को निकलेगी. इसे लेकर शहर व आसपास के जगन्नाथ मंदिरों में रथ निर्माण का कार्य जोरों पर है. विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में रथों का निर्माण करने के साथ इसका रंग-रोगन किया जा रहा है.
सेक्टर-3 अहिराबंध जगन्नाथ मंदिर में रथ का रंग-रोगन जारी
मंदिर कमेटियों की ओर से भी हर प्रकार का सहयोग प्रदान किया जा रहा है. इस साल 16 जुलाई को रथ यात्रा एवं 24 जुलाई को बाहुड़ा यात्रा होगी. इसके लिए सभी तरह की तैयारियां चल रही है. मौसी मां मंदिरों में भी बाहुड़ा रथयात्रा को लेकर मंदिर कमेटियां तैयारी करने में लगी हैं. रथ यात्रा को लेकर भगवान जगन्नाथ के रथ नंदी घोष, बलभद्र के तालध्वज एवं बहन सुभद्रा के रथ दर्प दलन के निर्माण के लिए कारीगर तेजी से काम कर रहे हैं. शहर के कुछ मंदिरों में नये रथ बनाये जा रहे हैं, जबकि कुछ में रथों की मरम्मत की जा रही है. शहर के सबसे बड़े जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-3 अहिराबंध में रथ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. तीनों रथों की मरम्मत एवं रंग-रोगन का काम किया जा रहा है. अक्षय तृतीया पर रथ की धुरी तैयार करने के लिए लकड़ी की पूजा की गयी थी. इसी तरह कोयलनगर जगन्नाथ मंदिर में भी तीनों रथों का निर्माण कराया जा रहा है.
30 से अधिक मंदिरों से निकलेगी रथ यात्रा
इस वर्ष सेक्टर-14, सेक्टर-6, नया बाजार, हनुमान वाटिका, प्लांट साइट, बसंती कॉलोनी, पंच मंदिर उदितनगर, पानपोष, छेंड कॉलोनी, झीरपानी, कोयनलगर, तुमकेला समेत शहर के 30 से अधिक मंदिरों में रथों का निर्माण व मरम्मत का काम कारीगरों को सौंपा गया है. जगन्नाथ मंदिरों में भगवान मदन मोहन चंदन यात्रा पर भगवान को चंदन लेप लगाकर नौका विहार की रस्म भी देवस्नान पूर्णिमा पर निभायी गयी थी.
