Rourkela News: आत्मनिर्भरता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक समझ विकसित करें युवा : डॉ कंभमपति

Rourkela News: एनआइटी की मेजबानी में युवा संगम कार्यक्रम के तहत ओडिशा पहुंचे गुजरात के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात की.

Rourkela News: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआइटी) राउरकेला, भारत सरकार की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत गुजरात से आये छात्र प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए ‘युवा संगम’ के छठे चरण का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहा है. छह-दिवसीय गहन अनुभव कार्यक्रम (25 मई से 30 मई, 2026 तक) युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है.

पवित्र जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर को देखा

‘युवा संगम’ के छठे चरण के तहत गुजरात से आये 39 छात्र प्रतिनिधियों और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) अहमदाबाद के पांच समन्वयकों ने ओडिशा भर में अपनी पांच-दिवसीय यात्रा के दौरान कई शैक्षिक और सांस्कृतिक दौरों का अनुभव किया. तीसरे दिन, प्रतिनिधियों ने भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन का दौरा किया और ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपति से बातचीत की. राज्यपाल ने कहा कि युवा संगम जैसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी के बीच भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ओडिशा के दौरे पर आये गुजरात के युवा संगम छात्रों से बातचीत करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई. स्थिरता, डिजिटल नवाचार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारत की विकास यात्रा जैसे विषयों पर उनकी सार्थक चर्चाएं प्रेरणादायक रही. उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भरता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक समझ को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें ‘विविधता में एकता’ का दूत बनने का आह्वान किया. बाद में, प्रतिभागियों ने पवित्र जगन्नाथ मंदिर और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कोणार्क सूर्य मंदिर का एक हेरिटेज टूर किया.

सुंदरगढ़ में एक पेड़ मां के नाम अभियान में लिया हिस्सा

चौथे दिन प्रतिभागी सुंदरगढ़ जिले के कुतरा ब्लॉक गये, जहां उन्होंने तेलीघाना गांव का दौरा किया और प्राकृतिक खेती के तरीकों, टिकाऊ ग्रामीण आजीविका और समुदाय-आधारित विकास पहलों को समझने के लिए किसान साथी फाउंडेशन के साथ बातचीत की. छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधरोपण अभियान में भी भाग लिया. किसान साथी फाउंडेशन की टीम, जिसमें संस्थापक अमूल्य प्रताप लाकरा, सचिव दीपक मिंज और मार्गदर्शक जोजो सुनील कुमार शामिल थे, ने तेलीघाना के सरपंच और ग्रामीणों के साथ मिलकर इस दौरे के दौरान छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया.

संबलपुर में ओडिशा की प्रसिद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं को समझा

पांचवें दिन, प्रतिनिधिमंडल संबलपुर गया, जहां उन्होंने मां समलेश्वरी मंदिर और प्रतिष्ठित हीराकुद बांध का दौरा किया. छात्रों ने ओडिशा की प्रसिद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं को समझने के लिए बैजामुंडा गांव के कारीगरों और बुनाई समुदायों के साथ भी बातचीत की, विशेष रूप से संबलपुरी वस्त्रों और ग्रामीण कारीगरों की आजीविका से जुड़ी शिल्पकारी के बारे में जानकारी प्राप्त की. यह दौरा कार्यक्रम 30 मई को एक विदाई समारोह के साथ संपन्न होगा. जिसके बाद ओडिशा के छात्र गुजरात के अपने ‘एक्सपोजर विजिट’ की शुरुआत करेंगे.

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