Sundargarh News: दाह संस्कार के लिए लकड़ी नहीं मिलने पर डीएफओ आवास के सामने शव रखकर दिया धरना

Sundargarh News: श्मशान बंधु के सदस्यों और मृतक के परिजनों ने दाह संस्कार के लिए लकड़ी नहीं मिलने पर डीएफओ कार्यालय के सामने धरना दिया.

Sundargarh News: वन और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण सुंदरगढ़ की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही. वन एवं खनन माफियाओं के अतिक्रमण के कारण सुंदरगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट हो रही है. सिर्फ इतना ही नहीं, अब शव दाह के लकड़ियां मिलना तक मुश्किल हो रहा है. इससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है. इसके प्रतिवाद में रविवार को श्मशान बंधु संस्था के सदस्यों व मृतकों के परिजनों ने सुंदरगढ़ डीएफओ प्रदीप मिरासे के आवास के सामने दो शव रखकर धरना दिया.

समस्या के स्थायी समाधान की मांग की

धरना में शामिल श्मशान बंधु के सदस्यों ने श्मशान घाट में लकड़ी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की. कहा कि सुंदरगढ़ में दाह संस्कार के लिए लकड़ी की भारी कमी है. श्मशान बंधु ने सवाल पूछा है कि प्रत्येक दिन हेमगिर रेंज से एमसीएल खदान के लिए कई हेक्टेयर में काटी गयी लकड़ी आखिर जाती कहां है? जबकि कनिका रेंज से ट्रकों द्वारा लकड़ी को राउरकेला, वेदव्यास, झारसुगुड़ा और संबलपुर ले जाया जा रहा है. लेकिन पिछले 15 दिनों से सुंदरगढ़ के किसी भी डीपो में एक क्विंटल लकड़ी भी नहीं आयी है. जिससे रविवार को सुंदरगढ़ शहर में तीन शवों का अंतिम संस्कार करने में श्मशान बंधु और मृतकों के परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

झारसुगुड़ा : एक्शन इस्पात कारखाना के विस्तारीकरण का ग्रामीणों ने किया विरोध

प्रस्तावित एक्शन इस्पात कारखाना के विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण का हंसामुरा कांटा पाली गांव के लोगों ने विरोध किया है. इसे लेकर हंसामुरा कांटापाली में एक सभा हुई जिसमें जुटे लोगों ने कल्याण मंडप से एक विरोध रैली निकाल कर तथा सभा कर जमीन अधिग्रहण का विरोध किया. सभा में प्रशांत त्रिपाठी, देवेंद्र बारिक, विजय दास, डिलेश्वर नायक व ज्ञानेंद्र आदि ने कारखाना निर्माण व विस्तारीकण से प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही. माराकुटा व पंडरी पत्थर में बंद पड़े एक्शन इस्पात कारखाना को चालू करने व इसका विस्तार के सहित 14 गुणा उत्पादन क्षमता वृद्धि के लक्ष्य को लेकर हंसामुरा कांटापाली में जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव है. प्रस्तावित कारखाना के विस्तार होने से बेहरा पाली, बुडीपदर, पंडरी पत्थर, एकाताली यूनिट एक, सिंघाबगा, कुकुरजंघा, जमेरा व हंसामुरा कांटा पाली गांव के लोग प्रभावित होंगे.

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Published by: Bipin kumar yadav

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