Rourkela News: राज्य सरकार ने उठाया कदम, अनियमित विमान सेवा से त्रस्त यात्रियों को जल्द मिलेगी राहत

Rourkela News: ओडिशा सरकार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान आकर्षित कराया है. अब राउरकेला के विमान यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.

Rourkela News: राउरकेला से विमान सेवा प्रदाता कंपनी एलायंस एयर की मनमानी के कारण यात्रियों की नाराजगी दोगुनी हो गयी है. बार-बार उड़ानें रद्द होना या विमान में तमाम तरह की तकनीकी खामी का सिलसिला जारी है. ऐसे में राउरकेला-भुवनेश्वर के लिए एक नयी वाणिज्यिक विमान सेवा शुरू करना ही एकमात्र विकल्प बन गया है. राज्य सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ा दिये हैं.

राउरकेला में दूसरी विमानन कंपनी को तैनात करने का सुझाव दिया

सूत्रों के अनुसार, राज्य के वाणिज्य एवं परिवहन विभाग ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है. इसमें एलायंस एयर की उड़ान रद्द कर किसी दूसरी कंपनी को तैनात करने का सुझाव दिया गया है. जानकारी के अनुसार, राउरकेला के लिए वाणिज्यिक उड़ानें सात जनवरी, 2023 से शुरू हुई हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत राउरकेला-भुवनेश्वर मार्ग के लिए एलायंस एयर को ऑपरेटर नियुक्त किया था. तब से यात्री विमान ‘एटीआर-72’ यहां सेवाएं प्रदान कर रहा है. लेकिन लंबे समय तक उड़ानें स्थगित रहने के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका है. इससे पहले राज्य वाणिज्य एवं परिवहन विभाग ने गत 13 मार्च को राउरकेला-कोलकाता और भुवनेश्वर-झारसुगुड़ा मार्गों पर परिचालन के लिए अन्य एयरलाइनों को आमंत्रित किया. इच्छुक वाणिज्यिक एयरलाइनों को बेहतर उड़ान संपर्क के लिए पहले घरेलू दौर में आमंत्रित किया गया था. विभाग ने यात्रा मार्ग पर सूचीबद्ध उड़ानें संचालित करने के लिए एक विज्ञापन नोटिस जारी किया था. दूसरी ओर वर्तमान सेवा दी रही एलायंस एयर के पास पर्याप्त विमानों की कमी है. राउरकेला में सेवा दे रहे एटीआर-72 को पूर्वोत्तर राज्यों में भी तैनात किया जा रहा है.

राउरकेला हवाईअड्डा के विस्तार को शुरू हो चुकी है प्रक्रिया

राउरकेला में आइएलएस/एनएलएस प्रणाली का अभाव है. परिणामस्वरूप प्रतिकूल मौसम और शाम के समय विमान उतर नहीं सकते. वैसे अब राउरकेला हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. यहां रनवे की लंबाई 2.7 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर तक बढ़ाई जायेगी. हवाई अड्डे को 4सी का दर्जा दिया जायेगा और आइएलएस/एनएलएस प्रणाली वाले 300 बेस बनाये जायेंगे. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 15 अप्रैल से एक सप्ताह तक ओएलएस सर्वेक्षण किया था. इसी तरह एएआइ के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 25 मार्च को हवाई अड्डे की स्थिति का जायजा लिया था. यदि यहां से अन्य विमानन कंपनियां घरेलू उड़ान शुरू करने के लिए आगे आती हैं तथा भुवनेश्वर व काेलकाता के अलावा अन्य शहरों के लिए भी उड़ान शुरू करने से यहां के यात्रियों को एलायंस एयर की अनियमित विमान सेवा से मुक्ति मिल सकती है.

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Published by: Bipin kumar yadav

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