Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार ने कक्षा-1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में पायी गयी गंभीर त्रुटियों के मामले को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संपूर्ण प्रक्रिया की आपराधिक जांच (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) कराने का निर्देश दिया है.
55 पाठ्यपुस्तकों में 1600 से अधिक त्रुटियां मिलने के बाद शुरू हुई थी जांच
मुख्यमंत्री ने एससीइआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) के निदेशक को इस मामले में क्राइम ब्रांच के एसपी के समक्ष एफआइआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया है, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जा सके तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो. एससीइआरटी वह राज्य एजेंसी थी, जिसने ये पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित की थीं और राज्य भर में 40 लाख से अधिक छात्रों के बीच इन्हें वितरित किया गया था. कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की 55 पाठ्यपुस्तकों में 1,600 से अधिक त्रुटियां पायी गयीं, जिनमें वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को पायलट बताना भी शामिल है.
एससीइआरटी के तत्कालीन निदेशक सहित तीन सहायक निदेशकों को किया गया था निलंबित
इससे पहले मुख्यमंत्री ने पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों के कारणों की जांच के लिए विकास आयुक्त डीके सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था. समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एससीइआरटी के तत्कालीन निदेशक सहित तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया गया था. इसके अलावा, छह अन्य सहायक निदेशकों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिये गये थे. अब मुख्यमंत्री के नवीनतम निर्देश के बाद यह मामला केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी आपराधिक जांच भी होगी. सरकार का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, कदाचार या आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जायेगी.
भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश की संभावना से नहीं किया इनकार
एक निजी बैठक में, मुख्यमंत्री ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को बदनाम करने के इरादे से की गयी ऐसी गलतियों के पीछे किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया. उन्हें यह शक इसलिए हुआ, क्योंकि गलतियों की संख्या असामान्य रूप से अधिक थी, जिनमें जगहों के गलत नाम और तथ्यों से जुड़ी गलतियां शामिल थीं.
